नई दिल्ली। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में बढ़ते सैन्य तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला, जहां कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई।
सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत
मंगलवार को बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक टूट गया। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,616 अंकों के मुकाबले 77,272 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 77,063 के स्तर तक फिसल गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 भी गिरावट के साथ खुला। सोमवार के 24,211 अंकों के बंद स्तर के मुकाबले निफ्टी शुरुआती कारोबार में 24,050 के स्तर तक पहुंच गया।
बाजार में बिकवाली का दबाव
शुरुआती कारोबार में बाजार में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। लगभग 908 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,363 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते दिखे। वहीं, 165 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
गिरावट के दौरान लार्जकैप कंपनियों के कई प्रमुख शेयर दबाव में रहे।
लार्जकैप शेयर
- IndiGo – करीब 2.60% की गिरावट
- Bajaj Finance – 2.30% नीचे
- HCL Tech – 2.15% कमजोर
- Mahindra & Mahindra (M&M) – लगभग 2% की गिरावट
मिडकैप शेयर
- Ashok Leyland – 3% नीचे
- TI India – 2.40% की गिरावट
- Muthoot Finance – 2.30% कमजोर
- HP – करीब 2% नीचे
स्मॉलकैप शेयर
- PNB Housing Finance – 3.50% की गिरावट
- Apollo Tyres – 2.80% कमजोर
होर्मुज तनाव क्यों बना बाजार के लिए चिंता का कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य टकराव और तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की कुल कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने और तेल की कीमतों में तेजी आने का खतरा बढ़ जाता है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली।
- ब्रेंट क्रूड करीब 84.44 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
- WTI Crude और Murban Crude की कीमतें भी 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं।
निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर
विश्लेषकों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है या होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो इसका असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है।