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तेल के बाद वेनेजुएला के सोने पर अमेरिका की नजर? ब्रिटेन से न्यूयॉर्क शिफ्ट हो सकता है 31 टन गोल्ड

नई दिल्ली। वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की दिलचस्पी अब सिर्फ तेल तक सीमित नहीं दिख रही है। देश के करीब 31 टन सोने, जिसकी कीमत लगभग 4 अरब डॉलर बताई जा रही है, को लेकर भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया. . .

नई दिल्ली। वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की दिलचस्पी अब सिर्फ तेल तक सीमित नहीं दिख रही है। देश के करीब 31 टन सोने, जिसकी कीमत लगभग 4 अरब डॉलर बताई जा रही है, को लेकर भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक वेनेजुएला सरकार और विपक्ष के बीच इस सोने को बैंक ऑफ इंग्लैंड से निकालकर अमेरिका के फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क में ट्रांसफर करने को लेकर समझौते के करीब पहुंचने की खबर है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सोना अभी अमेरिका ट्रांसफर नहीं हुआ है। प्रस्तावित व्यवस्था और इसकी कानूनी प्रक्रिया पर बातचीत जारी है।

31 टन सोना क्यों बना बड़ा मुद्दा?

वेनेजुएला का करीब 31 टन सोना कई वर्षों से बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखा हुआ है। लंबे समय से इस सोने पर वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति के कारण कानूनी विवाद बना हुआ था। अब वेनेजुएला की कार्यवाहक सरकार और विपक्ष के बीच इसे इस्तेमाल करने को लेकर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है। प्रस्तावित समझौते के तहत सोने पर कानूनी नियंत्रण कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के नेतृत्व वाली सरकार को मिल सकता है, लेकिन वह इसे तुरंत बाजार में बेच नहीं सकेगी।

लंदन से न्यूयॉर्क क्यों भेजा जाएगा गोल्ड?

रिपोर्टों के मुताबिक, योजना के तहत बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखे वेनेजुएला के गोल्ड को फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क में स्थानांतरित किया जा सकता है। यह कदम लंबे समय से चले आ रहे कानूनी विवाद को सुलझाने की कोशिश का हिस्सा है। ब्रिटेन में वेनेजुएला के राजनीतिक नेतृत्व की वैधता को लेकर विवाद के कारण इन सोने की छड़ों तक पहुंच वर्षों से अटकी हुई थी। अब राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद इस संपत्ति को लेकर नया रास्ता तलाशा जा रहा है।

सोना बेचा नहीं जाएगा, कर्ज के लिए बनेगा गारंटी

प्रस्तावित समझौते की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 31 टन सोने को तत्काल बेचने की अनुमति नहीं होगी। इसके बजाय इस गोल्ड का इस्तेमाल कर्ज जुटाने के लिए कोलैटरल यानी गारंटी के तौर पर किया जा सकता है। इससे वेनेजुएला सरकार को आर्थिक जरूरतों और पुनर्निर्माण जैसे कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिल सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, सोने के इस्तेमाल पर अमेरिकी निगरानी और कड़े नियंत्रण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

भूकंप के बाद आर्थिक मदद में इस्तेमाल की तैयारी

वेनेजुएला के लिए यह सोना सिर्फ विदेशी मुद्रा भंडार का हिस्सा नहीं है, बल्कि आर्थिक संकट से निपटने का एक महत्वपूर्ण साधन बन सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, जून में आए विनाशकारी भूकंपों के बाद पुनर्निर्माण के लिए धन की जरूरत बढ़ी है। ऐसे में सोने को गिरवी रखकर कर्ज जुटाने की योजना पर चर्चा हो रही है।

मार्च में भी हुआ था 1,000 किलो गोल्ड का सौदा

वेनेजुएला और अमेरिका के बीच सोने को लेकर यह पहला बड़ा घटनाक्रम नहीं है। मार्च 2026 में वेनेजुएला की सरकारी खनन कंपनी Minerven ने कमोडिटी ट्रेडिंग कंपनी Trafigura के साथ 650 से 1,000 किलोग्राम तक गोल्ड डोरे बार की आपूर्ति का समझौता किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, इस सोने को अमेरिकी बाजार और अमेरिकी रिफाइनरियों तक पहुंचाया जाना था। अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने भी इस सौदे की पुष्टि की थी।

31 टन गोल्ड और 1 टन के सौदे में बड़ा अंतर

मार्च का सौदा जहां अधिकतम 1 टन नए सोने की बिक्री से जुड़ा था, वहीं अब चर्चा उस 31 टन पुराने गोल्ड रिजर्व की है, जो बैंक ऑफ इंग्लैंड में जमा है। यानी दोनों घटनाओं को एक ही लेनदेन समझना सही नहीं होगा। एक ओर नया सोना अमेरिकी बाजार में भेजने का सौदा हुआ था, जबकि दूसरी ओर लंदन में रखे वेनेजुएला के रिजर्व को न्यूयॉर्क ले जाने की संभावित व्यवस्था पर बातचीत हो रही है।

अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में बड़ा बदलाव

सोने को लेकर चल रही बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और वेनेजुएला के आर्थिक और राजनीतिक संबंधों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। तेल और खनन क्षेत्र में सहयोग के साथ अब विदेशी संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों को लेकर भी बातचीत हो रही है। ऐसे में 31 टन सोने का संभावित ट्रांसफर केवल बैंकिंग लेनदेन नहीं, बल्कि वेनेजुएला की आर्थिक व्यवस्था और उसके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अभी क्या है स्थिति?

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 31 टन वेनेजुएला का सोना अभी बैंक ऑफ इंग्लैंड से न्यूयॉर्क ट्रांसफर नहीं हुआ है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सरकार और विपक्ष समझौते के करीब हैं, लेकिन कानूनी नियंत्रण और ब्रिटिश अदालतों से जुड़ी प्रक्रिया अभी महत्वपूर्ण बनी हुई है। अगर समझौता अंतिम रूप लेता है, तो करीब 4 अरब डॉलर मूल्य का वेनेजुएला का गोल्ड रिजर्व लंदन से न्यूयॉर्क पहुंच सकता है और उसे कर्ज जुटाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे वेनेजुएला के लंबे समय से फंसे इस विदेशी गोल्ड रिजर्व के इस्तेमाल का रास्ता खुल सकता है।
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