नई दिल्ली देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद सरकार ने 80 से अधिक टोल प्लाजा बंद करने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई 1 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी।
पूंजीगत लागत पूरी होने के बाद भी जारी रही टोल वसूली
मंत्रालय की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, कई टोल प्लाजा अपनी निर्धारित पूंजीगत लागत (Capital Cost) की भरपाई कर चुके थे। इसके बावजूद नियमों के विपरीत टोल वसूली जारी रखी गई। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुछ टोल प्लाजा 60 किलोमीटर की निर्धारित न्यूनतम दूरी के नियम का उल्लंघन करते हुए संचालित किए जा रहे थे।
ऑडिट में सामने आई कथित अनियमितताओं की तस्वीर
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड और दक्षिण भारत के कई राज्यों में संचालित कुछ टोल परियोजनाओं में कथित तौर पर ऐसी व्यवस्था अपनाई गई, जिसके तहत पूंजीगत लागत पूरी होने से पहले मंत्रालय को नए निर्माण कार्यों—जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास या अतिरिक्त सर्विस लेन—के प्रस्ताव भेजे जाते थे।
इन प्रस्तावों के आधार पर अतिरिक्त निर्माण लागत को मूल परियोजना लागत में जोड़ दिया जाता था, जिससे रिकॉर्ड में यह दर्शाया जाता था कि परियोजना की कुल लागत अभी पूरी तरह वसूल नहीं हुई है। ऑडिट रिपोर्ट में इस प्रक्रिया को गंभीर अनियमितता माना गया है।
60 किलोमीटर नियम के उल्लंघन पर भी कार्रवाई
ऑडिट के दौरान कई स्थानों पर ऐसे ‘सब-टोल’ भी पाए गए, जिन्हें 60 किलोमीटर की न्यूनतम दूरी के नियम का पालन किए बिना स्थापित किया गया था। रिपोर्ट में इन्हें नियमों के विपरीत बताया गया है और सरकार इनके संचालन पर भी रोक लगाने की तैयारी में है।
दो चरणों में हटाए जाएंगे टोल प्लाजा
सरकार ने कार्रवाई के लिए दो चरणों की योजना तैयार की है।
- पहला चरण: अक्टूबर 2026 तक उन 35 टोल प्लाजा को बंद किया जाएगा, जिनके अनुबंध की अवधि समाप्त हो चुकी है।
- दूसरा चरण: शेष अवैध या नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए टोल प्लाजा को 31 दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से हटाने का लक्ष्य रखा गया है।
वाहन चालकों को मिलेगी बड़ी राहत
यदि यह योजना तय समय के अनुसार लागू होती है, तो राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लाखों निजी और व्यावसायिक वाहन चालकों को अनावश्यक टोल भुगतान से राहत मिलेगी। हालांकि, सरकार की ओर से संबंधित टोल प्लाजा की आधिकारिक सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में अंतिम कार्रवाई और प्रभावित टोल प्लाजा की संख्या को लेकर औपचारिक अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है।