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पीएम मोदी और जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची की अहम मुलाकात, आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया। तीन दिवसीय भारत दौरे पर आईं ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक,. . .

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया। तीन दिवसीय भारत दौरे पर आईं ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।यह यात्रा भारत और जापान के बीच 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के तहत हो रही है और इसे दोनों देशों की विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को नई दिशा देने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

पूर्वोत्तर भारत पर खास फोकस

भारत और जापान के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पूर्वोत्तर भारत एक अहम केंद्र बनकर उभरा है। दोनों देशों ने इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा और कौशल विकास जैसी परियोजनाओं पर मिलकर काम किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, जापान एकमात्र ऐसा देश है जिसके साथ भारत ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए ‘भारत-जापान एक्ट ईस्ट फोरम’ जैसा समर्पित संस्थागत तंत्र स्थापित किया है। यह मंच पूर्वोत्तर भारत में विकास परियोजनाओं को गति देने और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

2024 से अब तक बढ़ा सहयोग

बीते डेढ़ साल में भारत और जापान के बीच, खासकर पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर, कई अहम पहलें हुई हैं।

  • फरवरी 2026 में जापान के विदेश मामलों के राज्य मंत्री इवाओ होरी ने भारत का दौरा किया और मेघालय व असम के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की।
  • अप्रैल 2026 में मेघालय के मुख्यमंत्री ने जापान का दौरा किया।
  • दोनों पक्षों के बीच 5,000 भारतीय युवाओं को जापान में कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए समझौता हुआ।
  • इससे पहले असम सरकार ने जापान के सहयोग से पांच वर्षों में 20,000 युवाओं के प्रशिक्षण की योजना पर सहमति बनाई थी।
  • 2024 में मेघालय सरकार और जापान ने शिलांग चेरी ब्लॉसम महोत्सव के लिए सांस्कृतिक सहयोग का करार भी किया था।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री ताकाइची के बीच होने वाली वार्ता में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। बातचीत का मुख्य फोकस आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, तकनीकी सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को मजबूत करना और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग रहेगा। दोनों नेता मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए रक्षा, व्यापार, बुनियादी ढांचा, डिजिटल तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार करेंगे।

इंडो-पैसिफिक पर भी रहेगा जोर

जापानी प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची पहले ही कह चुकी हैं कि भारत एशिया का एक प्रमुख लोकतांत्रिक देश है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP)’ की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। इसके अलावा जापान, भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

कई समझौतों की उम्मीद

प्रधानमंत्री ताकाइची की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। साथ ही, दोनों नेता द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे और भविष्य की साझेदारी के लिए नई कार्ययोजना पर भी सहमति बना सकते हैं। भारत और जापान के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों के बीच यह यात्रा रणनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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