मुंबई। बुधवार को आई बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार वापसी की। सप्ताह के पिछले कारोबारी सत्र में बिकवाली से दबाव में आए बाजार में आज शुरुआत से ही खरीदारी का माहौल देखने को मिला। एशियाई बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और निवेशकों की ताजा खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा चढ़ा, निफ्टी में भी शानदार तेजी
सुबह करीब 10 बजे बीएसई सेंसेक्स 617.50 अंक (0.81%) की मजबूती के साथ 77,121.10 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 185.55 अंक (0.78%) की बढ़त के साथ 24,067.60 अंक पर पहुंच गया। बुधवार को बाजार में भारी बिकवाली के चलते सेंसेक्स 1,677.12 अंक टूटकर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 516.65 अंक की गिरावट के साथ 23,882.05 अंक पर बंद हुआ था।
बैंकिंग और मिडकैप शेयरों में भी दिखी मजबूती
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ बैंकिंग और मिडकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से बैंक निफ्टी में तेजी दर्ज की गई, जबकि मिडकैप कंपनियों के शेयरों ने भी बाजार की रिकवरी को मजबूती दी।
इन दिग्गज शेयरों ने बाजार को दी रफ्तार
आज की तेजी में कई ब्लूचिप शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। Eternal करीब 3 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स में शामिल रहा। इसके अलावा सन फार्मा, टाइटन, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), HDFC बैंक, अडानी पोर्ट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, SBI, अल्ट्राटेक सीमेंट, ITC और मारुति सुजुकी के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को मजबूती प्रदान की।
आईटी शेयरों पर रहा दबाव
जहां अधिकांश सेक्टरों में तेजी रही, वहीं आईटी शेयरों में मुनाफावसूली का असर देखने को मिला। इंफोसिस के शेयर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बजाज फाइनेंस और एनटीपीसी में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली।
निवेशकों को मिली राहत, आगे इन फैक्टर्स पर रहेगी नजर
बुधवार की तेज गिरावट के बाद बाजार की इस शानदार वापसी ने निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत किया है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे घरेलू शेयर बाजार की अगली दिशा तय करेंगे। फिलहाल, बाजार की मजबूत रिकवरी ने यह संकेत जरूर दिया है कि निवेशकों का भरोसा बरकरार है और सकारात्मक वैश्विक संकेत मिलने पर तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।