- घटिया क्वालिटी के प्रॉडक्ट्स की बिक्री पर लगेगी रोक, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।
- नोएडा में ऑप्टिएमस और कॉर्निंग की साझेदारी से तैयार हो रहा है मजबूत ‘मेक इन इंडिया’ इकोसिस्टम।
नई दिल्ली: सरकार ने स्मार्टफोन यूजर्स को बेहतर क्वालिटी के उत्पाद उपलब्ध कराने और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए ‘ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स’ (BIS) सर्टिफ़िकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। भारत में ऐसे प्रोडक्ट्स बेचने से पहले कंपनियों को अब रेगुलेटरी मंजूरी लेनी होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इस नए नियम से खराब क्वालिटी वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री पर लगाम लगेगी।
मुख्य बातें और नियम की खास बातें:
- लागू होने की तिथि: यह नया नियम 1 अप्रैल, 2027 से प्रभावी होगा।
- लिस्ट में शामिल 66वीं वस्तु: स्क्रीन प्रोटेक्टर इस अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के तहत नोटिफ़ाई की जाने वाली 66वीं वस्तु बन गई है। इस लिस्ट में पहले से ही स्मार्टफोन, लैपटॉप, चार्जर, टीवी और प्रिंटर जैसी चीजें शामिल हैं।
- मानक (Standard): यह आदेश भारतीय स्टैंडर्ड IS 19348:2025 के अनुरूप होगा।
घरेलू उद्योगों और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त फायदा
मोबाइल डिवाइस निर्माताओं के संगठन ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू के अनुसार, इस कदम से बाजार में एक समान अवसर (लेवल प्लेइंग फील्ड) तैयार होगा और उपभोक्ताओं को घटिया क्वालिटी के सामानों से सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने बताया:
- विशाल बाजार: भारत में सालाना 50 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स का मार्केट है, जो आगे चलकर 12,000 से 16,000 करोड़ रुपये की क्वालिटी-बेस्ड इंडस्ट्री को बढ़ावा देगा।
- रोजगार और राजस्व: इससे लगभग 60,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी और सरकार को जीएसटी राजस्व में अनुमानित 2,000 करोड़ रुपये का योगदान मिलने की उम्मीद है।
नोएडा में बढ़ेगी प्रोडक्शन क्षमता
घरेलू कंपनी ऑप्टिएमस इन्फ्राकॉम (Optiemus Infracom) ने नोएडा में एक प्रोडक्शन यूनिट लगाई है, जहां अमेरिकी मटीरियल टेक्नोलॉजी कंपनी ‘कॉर्निंग’ की तकनीक से टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाए जाएंगे। कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अशोक गुप्ता ने बताया कि वे अपनी क्षमता में 2 करोड़ यूनिट की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर रहे हैं, जिनकी शिपिंग जनवरी 2027 से शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी को चालू वित्त वर्ष में इस बिजनेस से 1,800-2,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू की उम्मीद है। अनुमान है कि साल 2025 में टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर का घरेलू मार्केट 40 करोड़ पीस का होगा, जिसकी खुदरा (रिटेल) वैल्यू करीब 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।