सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। मृतकों में बंडा क्षेत्र के बराज गांव के रहने वाले लोग शामिल बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी में मृतकों की संख्या छह बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर नौ होने की बात सामने आई है। प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या की अंतिम पुष्टि का इंतजार है। बताया जा रहा है कि शराब पीने के बाद कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी। इसके बाद मौतों का सिलसिला शुरू हुआ। घटना की जानकारी सामने आते ही स्थानीय स्तर पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों में घटना को लेकर भय और आक्रोश का माहौल है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि सभी मृतकों ने शराब कहां से खरीदी थी और क्या उन्होंने एक ही जगह से शराब का सेवन किया था।
एसपी समेत पुलिस अमला मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। सागर एसपी अनुराग सुजानिया समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और अधीनस्थ अमला घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने और मेडिकल जांच के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
शराब के स्रोत की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र शराब का स्रोत बना हुआ है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतकों ने शराब कहां से खरीदी थी और वह किसके माध्यम से उनके पास पहुंची। इसके अलावा कथित अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस शराब के नमूनों की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
आबकारी विभाग पर उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि शहर के एक लाइसेंसी शराब ठेकेदार ने कुछ समय पहले बाजार में ‘बांबे व्हिस्की’ के नाम से कथित नकली शराब की बिक्री को लेकर आबकारी कार्यालय में शिकायत की थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
चार दिन पहले अवैध शराब को लेकर जताई गई थी चिंता
स्थानीय जानकारी के अनुसार, घटना से करीब चार दिन पहले आबकारी विभाग की बैठक हुई थी। इस बैठक में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों ने क्षेत्र में कथित तौर पर चल रहे अवैध शराब कारोबार और नकली शराब की बिक्री को लेकर अधिकारियों के सामने चिंता जताई थी। अब जहरीली शराब की आशंका के बीच इस बैठक और पहले की शिकायतों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन शिकायतों और मौजूदा घटना के बीच कोई संबंध था या नहीं।
बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा?
फिलहाल 9 लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या छह बताई गई थी। ऐसे में प्रशासन द्वारा मृतकों की संख्या और घटना से प्रभावित लोगों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण हो गई है। यदि और लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आती है तो मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन की मेडिकल और पुलिस टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पोस्टमार्टम और जांच से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल जहरीली शराब को मौत की वजह माना जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही होगी। पुलिस शराब के नमूने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। अगर जांच में जहरीली या नकली शराब की पुष्टि होती है तो इसके स्रोत और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही अवैध शराब के कारोबार में किसी सरकारी लापरवाही की भूमिका सामने आने पर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी भी तय हो सकती है।
घटना के बाद प्रशासन की बढ़ी चिंता
सागर में सामने आई इस घटना ने अवैध और नकली शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक ओर प्रभावित परिवारों को सहायता और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, वहीं दूसरी ओर शराब के स्रोत का पता लगाकर जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना। पुलिस और प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौतों की वास्तविक वजह क्या थी और इस मामले में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।