नई दिल्ली। भीषण गर्मी से जूझ रही दिल्ली की घनी बस्तियों के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पीएचडी छात्रा युसरा गुल ने बेहद सस्ता और असरदार मॉडल तैयार किया है। उनके प्रोजेक्ट ‘बॉरोड स्काई’ को यूरोप की वैश्विक प्रतियोगिता में दूसरा स्थान मिला।
अबुल में रिसर्च के बाद फजल एन्क्लेव उन्होंने संकरी और घनी बस्तियों के लिए तीन आसान उपाय सुझाए, जो घरों में गर्मी और उमस कम करने में मददगार हैं। युसरा की मेंटर और जामिया की प्रोफेसर हिना जिया के मुताबिक, कंक्रीट के जंगल और वेंटिलेशन की कमी के कारण बस्तियां उमस से भर जाती हैं।
ऐसे किए जा सकते हैं उपाय
बांस और हरी नेट का शेड
युसरा ने सुझाव दिया कि अगर पूरी कम्युनिटी मिलकर अपनी छतों पर बास के सहारे खेती में इस्तेमाल होने वाला हरा कपड़ा (ग्रीन फैब्रिक) लगा ले, तो प्रति परिवार सिर्फ 300 से 400 रुपये का खर्च आएगा और छतें सीधे धूप से बच जाएंगी।
सफेद पेट
युसरा ने सफेद पेंट ठंडक के लिए कारगर उपाय है। टेस्ट के दौरान देखा गया कि जहां आम छत का तापमान 48 डिग्री सेल्सियस था, वही सफेद पेंट वाली छत का तापमान घटकर 38 डिग्री हो गया। यानी सीधे 10 डिग्री तक की राहत मिली।
बिना बिजली की टर्वाइन चिमनी
मकानों के वेटिलेशन दिल्ली शाफ्ट (जाल) के ऊपर गोल घूमने वाली टर्बाइन चिमनी लगाई जा सकती है। यह बिना बिजली के काम करती है और घर के अदर जमा गर्म हवा को खींचकर बाहर फेंक देती है, जिससे अंदर का उमस भरा माहौल ठीक हो जाता है।