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पश्चिम बंगाल में अब उतरने लगा है मां माटी मानुष का नकाब, टीएमसी नेता अब लोगों को वापस लौटा रहे जनता से वसूली गई रकम

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से कई ऐतिहासिक बदलाव देखे जा रहे हैं। कूच बिहार जिले में सरकारी योजनाओं में कथित ‘कट मनी’ वसूली को लेकर लोगों के भारी विरोध और आक्रोश के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC). . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से कई ऐतिहासिक बदलाव देखे जा रहे हैं। कूच बिहार जिले में सरकारी योजनाओं में कथित ‘कट मनी’ वसूली को लेकर लोगों के भारी विरोध और आक्रोश के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं को रकम वापस करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि जिले के एक गांव में ग्रामीणों ने स्थानीय नेताओं पर सरकारी लाभ दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया था।

जनता को लौटाई जा रही वसूली की रकम

ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के बीच तृणमूल नेताओं ने लोगों को वसूली गई राशि लौटानी शुरू कर दी। गांव में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और पैसे वापस लेने पहुंचे। इस दौरान कई लोगों ने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले उनसे रकम ली गई थी।

सामने आया इसका वीडियो

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका वीडियो शेयर किया है। बीजेपी ने एक्स पर वीडियो डालते हुए लिखा, ‘मां माटी मानुष का नकाब आखिरकार उतर ही गया।’

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लाउडस्पीकर के जरिए किया जा रहा ऐलान

इस वीडियो में TMC के एक नेता कूच बिहार में एक ई-रिक्शा पर लगे लाउडस्पीकर के जरिए सरेआम ‘कट मनी’ लौटाने का ऐलान कर रहे हैं। जिस वसूली रैकेट को वे सालों से चला रहे थे, अब जनता के खौफ से उन्हें वही पैसा वापस करना पड़ रहा है।

लोगों में आक्रोश

जब कोई पार्टी, जिसने एक दशक से भी ज्यादा समय तक लोगों को लूटा हो, उन्हें अपनी रिश्वत की रकम वापस लौटाने पर मजबूर होना पड़े, तो यह लोगों के संभावित आक्रोश और राज्य में लोकतंत्र की वापसी को लेकर उनके मन में बैठे डर को जाहिर करता है।

टीएमसी सरकार में जमकर भ्रष्टाचार

मामले के सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों ने इसे भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए राज्य सरकार और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं, स्थानीय स्तर पर इस घटना की चर्चा तेज हो गई है और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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