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इस्कॉन मंदिर में पूजा के बाद रथ की रस्सी खींचकर किया मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की रथयात्रा की शुरुआत, सोने की झाड़ू से साफ किया रास्ता

कोलकाता। आज देशभर में भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथयात्रा धूमधाम से मनाई जा रही है। ओडिशा के पुरी जगन्नाथ मंदिर से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित मंदिरों तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। इसी क्रम में कोलकाता. . .

कोलकाता। आज देशभर में भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथयात्रा धूमधाम से मनाई जा रही है। ओडिशा के पुरी जगन्नाथ मंदिर से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित मंदिरों तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। इसी क्रम में कोलकाता के इस्कॉन मंदिर में आयोजित रथयात्रा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हिस्सा लिया और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ रथयात्रा की शुरुआत की।

इस्कॉन मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना

रथयात्रा के अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी दोपहर 12 बजे के बाद कोलकाता स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचे। मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की और विशेष प्रार्थना में हिस्सा लिय। इसके बाद रथयात्रा के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही और पूरे माहौल में भक्ति का रंग देखने को मिला।

बारिश के बीच सोने की झाड़ू से साफ किया रथ का रास्ता

रथयात्रा की पारंपरिक रस्म के तहत मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोने की झाड़ू से रथ के मार्ग की सफाई की। बारिश के बीच भी उन्होंने इस परंपरा को पूरा किया। इस दौरान वह पूरी तरह भीग गए, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान को जारी रखा। रास्ता साफ करने की रस्म पूरी होने के बाद उन्होंने रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

रथ की रस्सी खींचकर शुरू हुआ भव्य आयोजन

सोने की झाड़ू से मार्ग साफ करने के बाद रथयात्रा की मुख्य प्रक्रिया शुरू हुई। मुख्यमंत्री ने रथ की रस्सी खींची, जिसके साथ ही इस्कॉन मंदिर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भगवान जगन्नाथ के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।

पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा: लाखों श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

वहीं, ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भी रथयात्रा को लेकर सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।

रथयात्रा के लिए लाखों श्रद्धालु श्रीक्षेत्र पहुंचे। धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा रत्न सिंहासन से निकलकर अपने-अपने रथों पर विराजमान हुए। इसके बाद तीनों रथ गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना हुए।

सोने की झाड़ू से रास्ता साफ करने की परंपरा

पुरी की रथयात्रा में ‘छेरा पहरा’ परंपरा का विशेष महत्व है। इस रस्म में सोने की झाड़ू से रथ के सामने के रास्ते को साफ किया जाता है। यह परंपरा भगवान के सामने समानता, विनम्रता और सेवा भाव का प्रतीक मानी जाती है।

मायापुर इस्कॉन पहुंचे दिलीप घोष, गो पूजा में हुए शामिल

रथयात्रा के अवसर पर भाजपा नेता और राज्य मंत्री दिलीप घोष भी अपने परिवार के साथ मायापुर इस्कॉन पहुंचे। उन्होंने मायापुर चंद्रोदय मंदिर में आरती की
और गोमाता पूजा में हिस्सा लिया। अपने हाथों से गाय को भोजन कराया, गाय के पैर धोकर पूजा की और यज्ञ कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेकर रथयात्रा के अवसर को मनाया।

देशभर में भक्ति और उत्साह का माहौल

रथयात्रा के अवसर पर देशभर के मंदिरों में विशेष सजावट की गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथयात्रा ने देशभर में भक्ति, आस्था और उत्साह का माहौल बना दिया है।

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