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पश्चिम बंगाल में भत्तों की पुरानी वेटिंग लिस्ट खत्म, अब नए सिरे से होगा आवेदन; पेंशन में ₹500 की बढ़ोतरी, वृद्ध, विधवा और दिव्यांगों को अब ₹1,500 मासिक

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग भत्ते को लेकर बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नवान्न सभागार से घोषणा की कि पिछली सरकार के कार्यकाल में तैयार की गई इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग भत्ते को लेकर बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नवान्न सभागार से घोषणा की कि पिछली सरकार के कार्यकाल में तैयार की गई इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सभी प्रतीक्षा सूचियां अब रद्द कर दी गई हैं। सरकार नए सिरे से पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करेगी और इसके लिए योग्य लोगों से दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे।

ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर लगेंगे शिविर

मुख्यमंत्री ने बताया कि पात्र लोगों की पहचान और नए आवेदन लेने के लिए ग्राम पंचायत तथा वार्ड स्तर पर दो दिवसीय जनकल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आवेदन जमा होने के बाद लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। जांच में पात्र पाए जाने वाले लोगों को संबंधित भत्ते का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वृद्धावस्था पेंशन का इंतजार कर रहे लोगों को भी नए आवेदन के आधार पर योजना में शामिल होने का मौका मिलेगा। सरकार का दावा है कि राजनीतिक या अन्य कारणों से जिन पात्र लोगों को पहले लाभ नहीं मिल पाया, उन्हें भी नई प्रक्रिया के तहत आवेदन करने का अवसर मिलेगा।

पहले किए गए आवेदनों का भी होगा सत्यापन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने मौजूदा सरकार के जनकल्याण शिविरों में पहले ही आवेदन किया है, उनके आवेदन भी जांच के दायरे में रहेंगे। इसी तरह ‘आपनार सरकार आपनार पासे’ योजना के जरिए आवेदन करने वालों के दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जाएगा।सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार पात्र लाभार्थियों की नई प्रतीक्षा सूची तैयार करेगी।

वृद्ध, विधवा और दिव्यांग भत्ते में ₹500 की बढ़ोतरी

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत सरकार ने लाभार्थियों को मिलने वाली मासिक राशि में भी वृद्धि की है। वृद्धावस्था भत्ता, विधवा या स्वामीहीना भत्ता और दिव्यांग भत्ता अब 1,000 रुपये से बढ़कर 1,500 रुपये प्रति माह हो गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जुलाई तक जिन लाभार्थियों को 1,000 रुपये मिल रहे थे, उन्हें अगस्त के लाभ के रूप में बढ़ी हुई 1,500 रुपये की राशि दी गई है।

फर्जी लाभार्थियों पर सरकार की सख्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लोगों तक पहुंचे। उन्होंने फर्जी लाभार्थियों के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी अपात्र व्यक्ति के खाते में सरकारी सहायता नहीं जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में उम्र बढ़ाकर या फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर लोग वृद्धावस्था भत्ते का लाभ उठा रहे हैं। सरकार ऐसे मामलों की जांच कर अनियमितताओं को रोकने की दिशा में काम करेगी।

अपात्र लाभार्थियों से भत्ता छोड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना चाहती है। उन्होंने ऐसे लोगों से भी स्वेच्छा से आगे आने की अपील की, जो पात्र नहीं होने के बावजूद किसी सरकारी भत्ते का लाभ ले रहे हैं।

विधवा महिलाओं को ₹3,000 वाली योजना का विकल्प

मुख्यमंत्री ने 25 से 60 वर्ष की विधवा महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना को लेकर भी विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं चाहें, वे विधवा भत्ता छोड़कर 3,000 रुपये मासिक वाली अन्नपूर्णा योजना का लाभ ले सकती हैं। इससे उन्हें अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

दिव्यांग महिलाओं को कुल ₹4,500 की सहायता

सरकार ने 25 से 60 वर्ष की दिव्यांग महिलाओं के लिए अतिरिक्त सहायता की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये दिव्यांग भत्ता के साथ 3,000 रुपये अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलेगा। इस तरह पात्र दिव्यांग महिलाओं को दोनों योजनाओं से मिलाकर हर महीने कुल 4,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

17 सितंबर से महीनेभर विशेष कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से राज्यभर में एक महीने तक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की। इसी दिन ‘अन्नपूर्णा दिवस’ मनाने की भी बात कही गई है। सरकार के अनुसार, अन्नपूर्णा योजना की राशि इसी अवसर पर लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

आर्थिक चुनौतियों के बीच बढ़ाया सामाजिक सुरक्षा का दायरा

मुख्यमंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने पिछली सरकारों की आर्थिक नीतियों और राजस्व में कथित अनियमितताओं को राज्य की मौजूदा वित्तीय चुनौतियों से जोड़ते हुए कहा कि इसके बावजूद सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत सहायता राशि बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि नई प्रक्रिया के जरिए एक ओर जहां वास्तविक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा, वहीं दूसरी ओर फर्जी और अपात्र लाभार्थियों को हटाकर सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

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