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हमले के बाद अभिषेक के समर्थन में आए राहुल गांधी, ममता बनर्जी से फोन पर की बात, इलाज के लिए की हैदराबाद ले जाने की पेशकश

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को फोन. . .

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को फोन कर अभिषेक बनर्जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

ममता बनर्जी ने किया खुलासा

कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें फोन कर कहा कि अगर किसी भी प्रकार की मदद की जरूरत हो तो वे तुरंत बताएं। उन्होंने यह भी पेशकश की कि आवश्यकता पड़ने पर अभिषेक बनर्जी के इलाज की व्यवस्था हैदराबाद या किसी अन्य शहर में भी कराई जा सकती है।

सोनारपुर में हुआ था कथित हमला

दरअसल, अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई और टीएमसी तथा भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

पांच आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तपन माइती और आकाश भी शामिल हैं, जिन्हें घटना से जुड़े वीडियो में कथित रूप से देखा गया था। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट नहीं

बेल व्यू क्लिनिक की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, 30 मई 2026 को अभिषेक बनर्जी की चिकित्सकीय जांच की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है और केवल सीने पर हल्के चोट के निशान पाए गए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक जांच के दौरान वह पूरी तरह होश में थे, सतर्क थे और सामान्य रूप से बातचीत कर रहे थे। उनकी स्थिति स्थिर होने के कारण अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। एहतियात के तौर पर उन्हें नॉर्मल सलाइन, रिंगर्स लैक्टेट और दर्द निवारक दवाएं दी गईं।

राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज

घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। टीएमसी ने हमले को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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