डेस्क। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने बदलते दौर और टेक्नोलॉजी की जरूरतों को देखते हुए CA कोर्स में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। अब छात्रों को केवल अकाउंटिंग और ऑडिट तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिसिस और डिजिटल रिपोर्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।
अब कैलकुलेटर नहीं, AI बनेगा नया हथियार
पहले कहा जाता था कि CA का सबसे बड़ा हथियार कैलकुलेटर होता है, लेकिन अब समय तेजी से बदल रहा है। आज AI आधारित टूल्स, ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ICAI चाहता है कि आने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स नई तकनीकों के साथ खुद को अपडेट रखें।
ICAI अध्यक्ष ने कही बड़ी बात
ICAI के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी ने कहा कि AI अब केवल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि नौकरी करने वाले और प्रैक्टिस कर रहे दोनों तरह के CAs के लिए AI टूल्स और डेटा एनालिसिस की समझ जरूरी होती जा रही है।
सिलेबस की समीक्षा के लिए बनाई गई कमेटी
ICAI ने इसके लिए Committee for Review of Education and Training (CRET) का गठन किया है। यह कमेटी मौजूदा CA सिलेबस और ट्रेनिंग सिस्टम की समीक्षा करेगी और बताएगी कि इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार क्या बदलाव किए जाने चाहिए।
ऑडिट और रिपोर्टिंग में भी बढ़ रहा AI का इस्तेमाल
आज कंपनियां केवल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं हैं। ESG रिपोर्टिंग, डेटा बेस्ड ऑडिट और AI आधारित प्रक्रियाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी को देखते हुए ICAI चाहता है कि छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे इंडस्ट्री की नई जरूरतों के अनुसार काम करने के लिए तैयार रहें।
दिसंबर तक आ सकती है नई रिपोर्ट
ICAI अधिकारियों के अनुसार, CRET कमेटी दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट तैयार कर सकती है। इसके बाद नए सुझाव सार्वजनिक किए जाएंगे और छात्रों व विशेषज्ञों से फीडबैक लिया जाएगा। गौरतलब है कि ICAI ने साल 2023 में भी नया एजुकेशन और ट्रेनिंग सिस्टम लागू किया था।