नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में प्रदर्शन कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और छात्र संगठनों का आंदोलन बेहद उग्र हो गया है। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रदर्शनकारियों ने ‘चलो संसद’ मार्च निकालने की कोशिश की। इस दौरान भीड़ को रोकने में जुटी दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस की इस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों के सिर फूट गए और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद आक्रोशित भीड़ सुरक्षा घेरा और बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक पहुँच गई।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके का बयान: ‘हमें कोई नहीं रोक सकता’
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई और अस्पताल में भर्ती कराए गए सोनम वांगचुक का मुद्दा उठाते हुए कड़ा रुख अपनाया है। दीपके ने कहा, “हमें अपनी आवाज उठाने से कोई नहीं रोक सकता। युवाओं के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ है, उसके खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा।” गौरतलब है कि जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे। संसद मार्च से ठीक पहले उनकी तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है।
नीट पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर फूटा युवाओं का गुस्सा
संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन पूरे देश से आए छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके अभिभावक 19 जुलाई की रात से ही जंतर-मंतर पर जुटने शुरू हो गए थे। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में युवाओं का मुख्य मुद्दा NEET पेपर लीक धांधली की जवाबदेही तय करना और बढ़ती बेरोजगारी पर सरकार को घेरना है।
थ्री-टियर सुरक्षा घेरा और धारा 163 लागू
संसद सत्र और उग्र होते आंदोलन को देखते हुए पूरी नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक जैसे संवेदनशील इलाकों में थ्री-टियर सुरक्षा ग्रिड तैनात किया गया है। इसमें दिल्ली पुलिस की दो परतें और पैरामिलिट्री फोर्स की एक परत शामिल है। रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने पब्लिक एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस की कोई अनुमति नहीं दी गई है। पूरे क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर संसद मार्ग थाने की ओर बढ़ने में कामयाब रहे।