नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पुलिस पर पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकीं। इस दौरान बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की गई, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ हुई और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने बताया कि हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। हिंसा में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय पुलिस बलों के 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। कई घायल पुलिसकर्मियों की मेडिको-लीगल जांच (एमएलसी) अभी जारी है। घायलों में विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त और उपायुक्त स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं, जो मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थे।
घायल जवानों से मिले पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार
घटना के बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्दी पर लगी हर चोट उनके कर्तव्य, साहस और देश सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए घटनास्थल के वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
‘वर्दी पर लगी हर चोट कर्तव्य का सम्मान है’
घायल जवानों से मुलाकात के दौरान पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व निभाते हैं। उन्होंने कहा, “पुलिसकर्मियों की वर्दी पर लगी हर चोट उनके कर्तव्य के प्रति समर्पण, साहस और देश सेवा की भावना का प्रतीक है।”
सार्वजनिक संपत्ति को भी हुआ नुकसान
पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। बैरिकेड तोड़ने और पुलिस पर हमला करने से हालात कुछ समय के लिए बेहद तनावपूर्ण हो गए। इसके बाद अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।