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भारत बंगाल की खाड़ी में करेगा GPS जैमिंग ट्रायल, नोटम जारी, पाकिस्तान ने कोलकाता पर हमला करने की दी थी धमकी

नई दिल्ली। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा कोलकाता पर हमले की गीदड़भभकी के बाद अब भारत अपनी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। भारत 11-12 अप्रैल को. . .

नई दिल्ली। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा कोलकाता पर हमले की गीदड़भभकी के बाद अब भारत अपनी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। भारत 11-12 अप्रैल को बंगाल की खाड़ी में दो दिवसीय ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम ( GNSS ) जैमिंग ट्रायल आयोजित करेगा। इसके लिए कई विभागों को नोटम जारी किया गया है।
इस ट्रायल का उद्देश्य आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में सैटेलाइट आधारित नेविगेशन सिस्टम को नुकसान पहुंचाने वाली तकनीकों का परीक्षण करना है। जो GPS सहित विभिन्न GNSS नेटवर्क के सिग्नलों को बाधित या निष्क्रिय कर सकते हैं।

सैटेलाइट नेविगेशन को बाधित करने पर रहेगा फोकस

ट्रायल के दौरान यह परखा जाएगा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में दुश्मन के लड़ाकू विमान, ड्रोन, मिसाइलें समेत अन्य नेविगेशन संचालित हथियारों के नेविगेशन सिस्टम को कैसे खराब किया जा सकता है और उसमें सेंध लगाई जा सकती है। रक्षा एजेंसियां अभ्यास के दौरान कई मापदंडों की निगरानी करेंगी, जिनमें सिग्नल व्यवधान की सीमा, कितनी दूरी तक यह जैमिंग सिस्टम काम कर रहा है, इसकी सटीकता की जांच की जाएगी।

जारी किया गया नोटम

जानकारी के अनुसार, इस बारे में वायुसेना समेत कई विभागों को नोटम जारी किया गया है। हालांकि यह ट्रायल पूरी तरह नियंत्रित परिस्थितियों में किया जाएगा ताकि क्षेत्र में संचालित नागरिक विमानन और समुद्री यातायात पर कोई खतरा न हो।

बंगाल की खाड़ी को ही क्यों चुना गया?

बंगाल की खाड़ी को परीक्षण स्थल इसलिए चुना गया है क्योंकि यह भारत के समुद्री सुरक्षा ढांचे और हिंद महासागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण ऑपरेशनल क्षेत्रों के करीब है। इस क्षेत्र में परीक्षण करने से हवाई हमलों की वास्तविक सटिकता का पता चल सकेगा।
सिग्नल बाधित करने की सीमा
इंटरफेरेंस की तीव्रता
सिस्टम की स्थिरता

वास्तविक परिस्थितियों में उपकरणों की प्रभावशीलता

GNSS जैमिंग तकनीक का उपयोग दुश्मन के प्रिसिजन गाइडेड हथियार, ड्रोन नेटवर्क-आधारित सैन्य प्रणालियों को कमजोर करने में किया जा सकता है। इससे भारत की नौसेना और तटीय सुरक्षा परिसंपत्तियों की सुरक्षा क्षमता मजबूत होगी।

युद्ध में कैसे होगा फायदेमंद

युद्ध के समय में GPS जैमिंग दुश्मन के ड्रोन को भटका सकता है
यह प्रिसिजन हथियारों की सटीकता खत्म कर सकता है
जहाज और विमान की नेविगेशन सिस्टम में खराबी कर सकता है
कमांड और कंट्रोल सिस्टम को बाधित कर सकता है
GPS जैमिंग दुश्मन पर बिना सीधा हमला किए, उसे भारी नुकसान पहुंचा सकता है

GPS जैमिंग की घटनाएं बढ़ीं

बता दें हाल के वर्षों में दुनिया के कई संघर्ष क्षेत्रों में GPS जैमिंग और स्पूफिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीकों में निवेश बढ़ा रहा है, जिसमें VHF-UHF कम्युनिकेशन जैमर और मोबाइल EW प्लेटफॉर्म ‘सम्युक्ता’ जैसे सिस्टम शामिल हैं।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने दी थी धमकी

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए चेतावनी दी थी कि भारत द्वारा भविष्य में किसी भी प्रकार की दुस्साहस’’ की कोशिश का जवाब उनका देश कोलकाता पर हमला कर देगा।

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