नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE की नई तीन-भाषा नीति को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच फैले भ्रम को दूर कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई भाषा नीति केवल उन विद्यार्थियों पर लागू होगी, जिन्होंने इस शैक्षणिक सत्र में कक्षा 6 में प्रवेश लिया है। वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को अपनी मौजूदा भाषा विषयों में कोई बदलाव करने की आवश्यकता नहीं होगी।
दूर हुई भ्रम की स्थिति
शिक्षा मंत्री के अनुसार, जो विद्यार्थी अभी दो विदेशी भाषाओं का अध्ययन कर रहे हैं, वे कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा तक उन्हीं विषयों के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। उन्होंने माना कि CBSE की ओर से जारी पहले नोटिस में स्पष्टता की कमी थी, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।
तीन-भाषा नीति कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगा
नई तीन-भाषा नीति, जिसमें कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य है, केवल नए कक्षा 6 के छात्रों से चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। यह नियम पहले से कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी बताया कि CBSE जल्द ही अपनी गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद संशोधित आधिकारिक आदेश जारी कर सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कक्षाओं के लिए 22 भारतीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और शिक्षकों व संसाधनों की व्यवस्था करना CBSE की जिम्मेदारी होगी।
व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा
इसके अलावा, नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) को बढ़ावा दिया जाएगा। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को हर वर्ष 110 घंटे के स्किल मॉड्यूल पूरे करने होंगे, जबकि कक्षा 9 और 10 में एक स्किल विषय का अध्ययन अनिवार्य रहेगा।