डेस्क। स्पेन के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली हार ने फ्रांस का वर्ल्ड कप जीतने का सपना तो तोड़ दिया, लेकिन टूर्नामेंट में उसकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। ट्रॉफी भले ही अब हाथ से निकल गई हो, मगर करोड़ों रुपये की प्राइज मनी और सम्मानजनक तीसरे स्थान की लड़ाई अभी बाकी है।
अब ‘ब्रॉन्ज बैटल’ में उतरेगा फ्रांस, 283 करोड़ रुपये होंगे दांव पर
सेमीफाइनल में हार के बाद फ्रांस अब तीसरे स्थान के मुकाबले में खेलेगा। इस मैच में उसका सामना अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की हारने वाली टीम से होगा। इस मुकाबले की अहमियत सिर्फ पदक तक सीमित नहीं है। जीतने वाली टीम को करीब 283 करोड़ रुपये (लगभग 32 मिलियन डॉलर) की प्राइज मनी मिलेगी, जिससे यह मुकाबला बेहद खास बन जाता है।
अगर तीसरे स्थान का मैच भी हार गया फ्रांस तो?
अगर फ्रांस तीसरे स्थान का मुकाबला भी नहीं जीत पाया, तो उसे चौथे स्थान से संतोष करना होगा। हालांकि खाली हाथ उसे तब भी नहीं लौटना पड़ेगा। चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को भी करीब 264 करोड़ रुपये (लगभग 30 मिलियन डॉलर) की पुरस्कार राशि मिलेगी। यानी हार की स्थिति में भी फ्रांस मोटी कमाई करेगा, लेकिन तीसरे स्थान का गौरव उसके हाथ से निकल जाएगा।
सिर्फ पैसे नहीं, कोच डिडे डुशांप को जीत के साथ विदाई देने का मौका
फ्रांस के लिए यह मुकाबला सिर्फ प्राइज मनी का नहीं, बल्कि भावनाओं का भी है। टीम अपने दिग्गज कोच डिडे डुशांप को जीत के साथ विदाई देना चाहेगी। वर्ल्ड कप में बतौर कोच यह उनका 27वां और आखिरी मैच होगा। ऐसे में खिलाड़ी अपने सफल कोच के शानदार सफर का अंत जीत के साथ करना चाहेंगे।
डिडे डुशांप का सुनहरा सफर
डिडे डुशांप उन चुनिंदा फुटबॉल हस्तियों में शामिल हैं जिन्होंने खिलाड़ी और कोच—दोनों भूमिकाओं में विश्व कप जीतने का गौरव हासिल किया है।
- 1998 में खिलाड़ी के तौर पर फ्रांस को विश्व चैंपियन बनाया।
- 2018 में बतौर कोच टीम को दोबारा विश्व कप जिताया।
- उनकी कोचिंग में फ्रांस ने 184 मुकाबले खेले, जिनमें 120 मैचों में जीत दर्ज की।
अब तीसरे स्थान का मुकाबला उनके शानदार कोचिंग करियर का आखिरी अध्याय होगा, जिसे फ्रांस जीत के साथ यादगार बनाना चाहेगा।