फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले पांशुल बंसल ने 21 जून को आयोजित NEET UG 2026 री-एग्जाम में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 हासिल की। उन्होंने 720 में से 715 अंक प्राप्त किए और 99.9999 पर्सेंटाइल स्कोर किया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार, पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल संयुक्त रूप से टॉपर्स रहे।
8वीं कक्षा में देखा डॉक्टर बनने का सपना, 2 साल की मेहनत लाई सफलता
पांशुल बंसल बचपन से ही डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहते थे। उन्होंने 8वीं कक्षा में ही डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय कर लिया था। इसके बाद उन्होंने 11वीं कक्षा से NEET की तैयारी और कोचिंग शुरू की। करीब दो वर्षों तक लगातार मेहनत, अनुशासित दिनचर्या और सही रणनीति के दम पर उन्होंने देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की।
शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड, 10वीं और 12वीं में 90% से अधिक अंक
पांशुल ने अपनी 10वीं की पढ़ाई डीपीएस फरीदाबाद से पूरी की, जबकि 12वीं की शिक्षा ग्रेटर कैलाश स्थित समरफील्ड्स स्कूल से प्राप्त की। दोनों बोर्ड परीक्षाओं में उन्होंने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। शुरुआत से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट रहे पांशुल ने अपने लक्ष्य पर पूरी तरह फोकस बनाए रखा।
JEE Main 2026 में भी 99.5 पर्सेंटाइल हासिल
NEET से पहले पांशुल ने JEE Main 2026 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 99.5 पर्सेंटाइल स्कोर किया था। यह उपलब्धि उनकी मजबूत अवधारणाओं और कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है।
परिवार का मिला पूरा सहयोग
पांशुल के पिता संजीव कुमार बंसल स्टील व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां मोनिका बंसल इंडियन एक्सप्रेस में कंपनी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। परिवार के सहयोग और प्रोत्साहन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
NEET क्रैक करने की सफलता की रणनीति
पांशुल बंसल ने तैयारी के दौरान किसी शॉर्टकट पर भरोसा नहीं किया। उन्होंने नियमित रूप से करीब 8 घंटे पढ़ाई की और हर विषय की अवधारणाओं को गहराई से समझने पर ध्यान दिया। इसके अलावा उन्होंने:
- पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र नियमित रूप से हल किए।
- प्रश्नों के पैटर्न और परीक्षा के स्तर का लगातार विश्लेषण किया।
- नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट पर विशेष फोकस रखा।
- पढ़ाई के साथ संतुलित दिनचर्या अपनाई।
उनका मानना है कि स्मार्ट स्टडी, निरंतर अभ्यास और अनुशासन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
पढ़ाई के साथ शौक को भी दिया पूरा समय
कड़ी तैयारी के बावजूद पांशुल ने अपने शौक कभी नहीं छोड़े। उन्हें फाइनेंस से जुड़े उपन्यास पढ़ना, पियानो बजाना और स्केटिंग करना पसंद है।
संगीत के क्षेत्र में भी उन्होंने उपलब्धियां हासिल की हैं। पियानो में उन्हें रॉक स्कूल से ग्रेड-4 और ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ लंदन से ग्रेड-2 का प्रमाणपत्र प्राप्त है।
लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बने पांशुल बंसल
पांशुल बंसल की सफलता यह साबित करती है कि स्पष्ट लक्ष्य, सही रणनीति, नियमित मेहनत और संतुलित जीवनशैली के साथ कम समय में भी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि आज मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।