कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर कथित रूप से हमला हुआ है। सांसद कल्याण बनर्जी चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट की। प्रदर्शनकारियों ने सांसद कल्याण बनर्जी का रास्ता रोकते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए। तस्वीरों में नजर आया कि कल्याण बनर्जी भीड़ का सामना कर रहे थे। बड़ी संख्या में लोग उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान कथित रूप से उनके सिर पर चोट लगी। वे थोड़ी देर बाद जमीन पर गिर गए। हमले के बाद जमीन पर लेटे कल्याण बनर्जी फोन पर बात करते हुए नजर आए।
टीएमसी समर्थकों ने कल्याण बनर्जी को संभाला
इस दौरान सुरक्षाबलों को स्थिति को संभालने का प्रयास करते हुए भी देखा गया। वहीं, टीएमसी समर्थकों ने कल्याण बनर्जी को संभाला और उन्हें भीड़ से दूर ले जाने का प्रयास किया। कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं अकेला आ रहा था। मेरे साथ कोई नहीं था। बीजेपी सदस्यों ने गाली-गलौज की और मेरे सिर पर बॉल से मारा। मेरे सिर से खून बह रहा है। उन्होंने कहा कि अब लोग तय करेंगे कि यह सही है या गलत कि सांसदों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
अभिषेक बनर्जी से भी की गई थी मारपीट
इससे पहले, शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। वे चुनाव के बाद शनिवार को हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके काफिले पर अंडे व ईंट के टुकड़े फेंके और नारे लगाए। इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा किफिलहाल इलाज घर पर ही किया जाएगा। जितनी जरूरत होगी, सलाइन और ऑक्सीजन घर पर ही दी जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो अभिषेक को इलाज के लिए हैदराबाद ले जाया जाएगा।
“चोर-चोर” के नारे लगाए
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कल्याण बनर्जी के थाने की ओर बढ़ने के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की और “चोर-चोर” के नारे लगाए। इसी बीच माहौल अचानक उग्र हो गया और कथित तौर पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ वस्तुएं उनकी ओर फेंकी गईं, जिनमें एक पत्थर उनके सिर पर आकर लगा। सिर में चोट लगने से कल्याण बनर्जी घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा। घटना के बाद मौके पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया।
भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया : कल्याण
घटना के बाद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के बजाय उनके ऊपर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा ने किया आरोपों को पूरी तरह से खारिज
वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी का इस घटना से कोई संबंध नहीं है और तृणमूल कांग्रेस राजनीतिक लाभ लेने के लिए भाजपा पर आरोप लगा रही है। भाजपा का दावा है कि स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से किसी प्रकार का हमला नहीं किया गया।
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और घटना से जुड़े वीडियो फुटेज तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एकत्र किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है। दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर सियासी माहौल और गर्म हो सकता है।