नई दिल्ली। देशभर में मानसून का पैटर्न बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत करीब 10 राज्यों में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह पश्चिमी भारत से मानसूनी बादलों का हटना है। वहीं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा समेत पूर्वी राज्यों में लगातार भारी बारिश हो रही है। नई सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार मानसूनी बादलों का मुख्य क्षेत्र अब पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत की ओर खिसक गया है, जिससे इन इलाकों में बारिश का असर लगातार बढ़ रहा है।
यूपी में बाढ़ जैसे हालात, तीन दिन में 15 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। हापुड़ में भारी बारिश के बाद एक अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गया, जहां एक थार एसयूवी पानी में डूब गई। बिजनौर में गंगा और उसकी सहायक मालन नदी उफान पर हैं। कई पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मेरठ-बिजनौर हाईवे और हरिद्वार रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है। प्रदेश में पिछले तीन दिनों के दौरान बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में 15 लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार देर रात लखनऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या सहित करीब 10 शहरों में तेज बारिश दर्ज की गई।
उत्तराखंड में सड़कें टूटीं, गंगा खतरे के निशान के करीब
उत्तराखंड में लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। राज्य में 173 सड़कें बंद हैं, जबकि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 100 मीटर हिस्सा बह गया है। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से 320 से ज्यादा सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते 320 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। 200 से ज्यादा बिजली ट्रांसफॉर्मर भी ठप पड़े हैं। जुलाई के पहले 10 दिनों में राज्य में सामान्य से 54 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है।
मिजोरम में चार दिन से फंसे पर्यटक, कई इलाकों में भूस्खलन
मिजोरम के लुंगलेई जिले में लगातार बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर 80 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य में 29 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।बुआल्ते गांव के पास नेशनल हाईवे-54 बंद होने के कारण कई पर्यटक पिछले चार दिनों से रास्ते में फंसे हुए हैं।
राजस्थान में बारिश पर ब्रेक, 15 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून
राजस्थान में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान अलवर, श्रीगंगानगर और चूरू में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 15 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है।
राज्य के 24 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
मध्यप्रदेश में अगले तीन दिन हल्की बारिश के आसार
मध्यप्रदेश में अगले तीन दिनों तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ रहा है। हालांकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
बिहार के 26 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
बिहार में शनिवार सुबह पटना समेत कई जिलों में बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने राज्य के 26 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बांका, बक्सर और खगड़िया सहित कई इलाकों में दिनभर बारिश की संभावना जताई गई है।
हरियाणा में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
हरियाणा में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल समेत कई जिलों में शनिवार को तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
देशभर में मानसून का बदला रुख
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसून का मुख्य प्रभाव उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में बना रहेगा, जबकि पश्चिम और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगी। ऐसे में बाढ़ प्रभावित राज्यों में सतर्कता बरतने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।