कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से चुनाव लड़ रहे 1,478 उम्मीदवारों में से 20 प्रतिशत करोड़पति है। इनमें कुल 228 उम्मीदवारों की संपत्ति 1 से 5 करोड़ रुपये के बीच है। इनमें 46 उम्मीदवारों के पास 5 से 10 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि 35 उम्मीदवारों की संपत्ति 10 करोड़ रुपये से अधिक है। करोड़पति उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा टीएमसी से है। ये आंकड़े एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स (ADR) और पश्चिम बंगाल इलेक्शन वॉच (WBEW) के एक विश्लेषण में सामने आए हैं। एडीआऱ ने पहले चरण के 1,475 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण करके इन आंकड़ों को निकाला है। वहीं तीन उम्मीदवारों के हलफनामों में कुछ कमियां थीं।
सबसे अमीर प्रत्याशी कौन
@ सबसे अमीर उम्मीदवारों में जंगीपुर से टीएमसी के जाकिर हुसैन शीर्ष पर हैं।
@जाकिर हुसैन की कुल संपत्ति 133 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
@उनके बाद बरजोरा से गौतम मिश्रा (105 करोड़ रुपये) और दुर्गापुर पश्चिम से कवि दत्ता (72 करोड़ रुपये) का स्थान है।
@औसत संपत्ति के मामले में भी टीएमसी सबसे आगे है।
@टीएमसी के एक उम्मीदवार की औसत संपत्ति 5.7 करोड़ रुपये है।
@इसके मुकाबले बीजेपी के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.5 करोड़ रुपये, कांग्रेस की 2 करोड़ रुपये और सीपीआईएम की करीब 92 लाख रुपये है।
सबसे गरीब प्रत्याशी कौन
वहीं दूसरी ओर, सबसे गरीब उम्मीदवारों में दुर्गापुर पूर्व से आम जनता उन्नयन पार्टी की रुबिया बेगम हैं। उनकी कुल संपत्ति मात्र 500 रुपये है। उनके बाद एसयूसीआई की सुश्रिता सरेन (700 रुपये) और जशोदा बर्मन (924 रुपये) का स्थान है। वहीं रिपोर्ट से पता चला कि 23% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले लंबित हैं और 20% पर गंभीर अपराधों के आरोप हैं। बीजेपी के 152 उम्मीदवारों में से 106 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 96 पर गंभीर आरोप हैं। वहीं तृणमूल के 148 उम्मीदवारों में से 63 पर आपराधिक मामले और 48 पर गंभीर आरोप दर्ज हैं।
इनपर अपराधिक मामले दर्ज
ADR की राज्य समन्वयक उज्जैनी हलीम ने बताया कि 152 सीटों में से 66 सीटों पर हर निर्वाचन क्षेत्र में तीन ऐसे उम्मीदवार थे जिनका आपराधिक रिकॉर्ड था। इनमें से छह पर बलात्कार के मामले लंबित हैं। आईएसएफ में आठ में से छह उम्मीदवारों पर गंभीर अपराधों के आरोप हैं। इनमें बलात्कार, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे अपराध शामिल हैं। एआईएमआईएम के नौ उम्मीदवारों में से छह पर आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें से चार पर गंभीर अपराधों के आरोप हैं। WB सोशलिस्ट पार्टी और एसडीपीआई ने एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारा था और दोनों पर ही गंभीर अपराधों के आरोप हैं।