कोलकाता । पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज प्रखंड के साहेबखाली इलाके में कालिंदी नदी के तटबंध का करीब 300 फुट हिस्सा धंस गया है। इस घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई, तो नदी का पानी गांवों में घुसकर घरों, खेतों और तालाबों को नुकसान पहुंचा सकता है।
पहले से कमजोर था तटबंध
ग्रामीणों के अनुसार तटबंध लंबे समय से कमजोर स्थिति में था। लगातार कटाव और रखरखाव की कमी के कारण इसकी स्थिति बिगड़ती जा रही थी। अचानक हुए बड़े धंसाव ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो मानसून के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थायी कंक्रीट तटबंध बनाने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने सरकार से स्थायी कंक्रीट तटबंध के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि 2009 में आए आयला चक्रवात और 2020 के अम्फान चक्रवात के दौरान भी क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लोगों का मानना है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय मजबूत और स्थायी तटबंध ही भविष्य में बाढ़ और कटाव से सुरक्षा दे सकता है।
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
हिंगलगंज के बीडीओ देवदास गंगोपाध्याय ने बताया कि तटबंध धंसने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग को अवगत करा दिया गया है। विभाग की ओर से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जरूरत पड़ने पर भेजी जाएगी आपदा प्रबंधन टीम
बीडीओ ने कहा कि फिलहाल वे स्वयं घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है। यदि हालात गंभीर होते हैं, तो आपदा प्रबंधन टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा, ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।