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ममता बनर्जी हाउस अरेस्ट ?’ बारुईपुर जाने से पहले घर को पुलिस छावनी बनाने का आरोप, टीएमसी का हमला-‘बंगाल में सुपर इमरजेंसी’, बीजेपी ने बताया ड्रामा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नया राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। विपक्षी दल टीएमसी ने रविवार को भाजपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बारुईपुर जाने से रोकने के लिए उनके कालीघाट. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नया राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। विपक्षी दल टीएमसी ने रविवार को भाजपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बारुईपुर जाने से रोकने के लिए उनके कालीघाट स्थित आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई। ममता बनर्जी दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में कथित दुष्कर्म और हत्या की शिकार 11 वर्षीय बच्ची के परिजनों से मिलने जाने वाली थीं।

टीएमसी का आरोप-‘ममता को घर में रोकने की साजिश’

टीएमसी नेताओं के मुताबिक, ममता बनर्जी के घर के बाहर 10 से अधिक पुलिस वाहन खड़े किए गए और पूरी गली को सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर के आसपास भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को घर से निकलने से रोकने के लिए जानबूझकर पुलिस तैनात की गई।

टीएमसी बोली-‘भाजपा का एजेंडा विपक्ष को दबाना’

टीएमसी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि जैसे ही ममता बनर्जी के बारुईपुर जाने की जानकारी मिली, उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगा दिए गए। पार्टी ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार देते हुए लिखा कि उनकी मांग सिर्फ एक है-”जस्टिस फॉर बारुईपुर”। पार्टी ने कहा कि ममता बनर्जी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी आरोप लगाया कि पुलिस की गाड़ियां जानबूझकर इस तरह खड़ी की गईं ताकि ममता बनर्जी का रास्ता रोका जा सके।

क्या है पूरा मामला?

बारुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में 11 वर्षीय बच्ची का शव एक बोरे में बरामद हुआ। बच्ची एक दिन पहले लापता हुई थी। पुलिस के अनुसार, उसके साथ कथित दुष्कर्म के बाद हत्या की गई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने सड़क जाम की, टायर जलाए और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। इस बीच, गुस्साई भीड़ ने मामले के एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बच्ची की हत्या के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

बीजेपी का पलटवार-‘हाउस अरेस्ट नहीं, सिर्फ सुरक्षा’

टीएमसी के आरोपों को भाजपा ने पूरी तरह खारिज कर दिया। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि यह कोई नजरबंदी नहीं, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री को मिली जेड-प्लस सुरक्षा के तहत सामान्य सुरक्षा व्यवस्था है। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “टीएमसी बेवजह मुद्दा बना रही है और राजनीतिक ड्रामा कर रही है। अगर पुलिस उनके घर के बाहर सुरक्षा के लिए तैनात है, तो इसमें गलत क्या है? क्या किसी ने ममता बनर्जी से कहा है कि वे घर से बाहर नहीं जा सकतीं?”
फिलहाल, ‘हाउस अरेस्ट’ का दावा टीएमसी की ओर से लगाया गया आरोप है। प्रशासन या पुलिस की ओर से ममता बनर्जी को नजरबंद किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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