नई दिल्ली। केंद्र सरकार महिला आरक्षण से संबंधित तीन अहम विधेयक आज संसद के विशेष सत्र के दौरान पेश करेगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पेश करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर ऋग्वेद का एक श्लोक पोस्ट किया। इस दौरान उन्होंने कहा, नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा, माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
तीन संशोधन विधेयक को पेश करेगी सरकार
सरकार द्वारा तीन संशोधन विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है जिनका उद्देश्य उस कानून को लागू करना है, जिसे 2023 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए पारित किया गया था।
लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर हो जाएगी 850
इस सप्ताह की शुरुआत में, केंद्र सरकार ने सांसदों के साथ संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 या महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित संशोधन का पाठ साझा किया, जिसका उद्देश्य लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करना है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सदस्य भी शामिल हैं।
इस विधेयक में राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने जाने वाले सदस्यों की संख्या 815 तक सीमित करने का प्रस्ताव है। केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विधेयक में कहा गया है। केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 35 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनका चुनाव संसद द्वारा विधिवत रूप से किया जाएगा।
वर्तमान में, लोकसभा में राज्यों से 530 और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 सदस्य हैं। हालांकि, परिसीमन आयोग ने यह संख्या 543 निर्धारित की थी।
विधेयक में प्रस्तावित एक अन्य महत्वपूर्ण संशोधन जनसंख्या की परिभाषा से संबंधित है, जो संसद को यह तय करने का अधिकार देता है कि सीटों की संख्या में विस्तार के लिए किन आंकड़ों को आधार बनाया जाना है।