नई दिल्ली। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व और रक्षा मंत्रियों ने 1999 के युद्ध में भारत की वीर सेना के अदम्य साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को याद किया। लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कड़ा संदेश सामने आया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेताओं ने भी देश के वीर सपूतों को नमन किया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ से लेकर PoK तक: द्रास में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की हुंकार
द्रास में कारगिल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कारगिल युद्ध सिर्फ एक सैन्य या कूटनीतिक जीत नहीं थी, बल्कि यह भारत के अटूट साहस का ऐतिहासिक प्रमाण था। पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख बातें कहीं:
- पाकिस्तान से बातचीत का दायरा: रक्षा मंत्री ने साफ किया कि पाकिस्तान से अब किसी सामान्य मुद्दे पर बात नहीं होगी। अगर कोई बातचीत होगी, तो वह सिर्फ पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) पर होगी, जो भारत का अभिन्न अंग है।
- आतंकवाद पर सख्त रुख: उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सेना और आतंकियों के बीच का अंतर खत्म हो चुका है। भारत अब आतंकवादियों और उन्हें संरक्षण देने वाली सरकार में कोई फर्क नहीं करेगा।
- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र: हाल ही में सफल रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत किसी भी नापाक हरकत का ऐसा करारा जवाब देगा, जिसकी कल्पना भी पाकिस्तान नहीं कर सकता।
- अखंड भारत का प्रतीक: वॉर मेमोरियल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “इस स्मारक में आपको पूरा भारत दिखेगा। देश को बांटने का सपना देखने वालों को इस दीवार पर लिखे हर धर्म और हर राज्य के शहीदों के नाम देखने चाहिए।”
देश की सुरक्षा के लिए सैनिकों का समर्पण अमूल्य: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में वीर जवानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, ”कारगिल विजय दिवस पर हमारा देश भारत की सुरक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है। बेहद मुश्किल हालात में भी उनका अदम्य साहस हमेशा राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा।”
अन्य प्रमुख नेताओं के संदेश
- गृह मंत्री अमित शाह: उन्होंने ‘ऑपरेशन विजय’ के शौर्य को याद करते हुए कहा कि 1999 में हिमालय की दुर्गम और बर्फली चोटियों पर विषम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय जवानों ने दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे: उन्होंने देशवासियों को विजय दिवस की बधाई देते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर वीरों का पराक्रम हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
- राहुल गांधी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश अपने वीर जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत की याद नहीं, बल्कि यह भारत की सीमाओं की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति देश के अटूट संकल्प का प्रतीक है।