लद्दाख। लद्दाख को लेकर लंबे समय से चल रही मांगों के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच अहम सहमति बनी। गृह मंत्रालय (MHA) और लद्दाख एपेक्स बॉडी (LAB) तथा कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के बीच हुई बैठक में केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर एक चुनी हुई संस्था बनाने पर सहमति बनी, जिसे पूर्ण विधायी, कार्यकारी और वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे। इसके अलावा लद्दाख के सभी सात जिलों में भी इसी तरह की निर्वाचित संस्थाएं बनाई जाएंगी। यह समझौता लद्दाख की राजनीतिक मांगों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस बैठक में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी मौजूद रहे।
लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा दी जाएगी
बैठक में यह भी सहमति बनी कि लद्दाख को भूमि, रोजगार, संस्कृति और स्थानीय पहचान से जुड़ी संवैधानिक सुरक्षा दी जाएगी। यह सुरक्षा संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत दी जाएगी, जैसा नागालैंड, सिक्किम और मिजोरम जैसे राज्यों में लागू है। हालांकि लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा नहीं मिलेगा, लेकिन सरकार ने कहा कि अनुच्छेद 371A, 371F और 371G जैसी व्यवस्थाओं के जरिए स्थानीय परंपराओं, जमीन के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।