वाशिंगटन । व्हाइट हाउस में शनिवार की शाम को हुई फायरिंग के आरोपी की पहचान कर ली गई है। हालांकि उसे सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। दरअसल, फायरिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई। इसमें आरोपी को गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना को डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में चूक बताया जा रहा है। फिलहाल व्हाइट हाउस की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।
मैरीलैंड के 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में हुई है
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार शाम (अमेरिकी स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस के बाहर सीक्रेट सर्विस चेकप्वाइंट पर गोलीबारी करने वाले बंदूकधारी की पहचान मैरीलैंड के 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में हुई है। कथित तौर पर खुद को ईसा मसीह मानने वाले बेस्ट ने आइजनहावर कार्यकारी कार्यालय भवन के पास, 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू के चौराहे पर व्हाइट हाउस परिसर के नजदीक लगभग 30 गोलियां चलाईं।
नासिर बेस्ट कौन था?
हालांकि व्हाइट हाउस के पास हमले के पीछे का मकसद की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि बेस्ट मानसिक रूप से विक्षिप्त था। व्हाइट हाउस के पास सुरक्षा चौकियों के आसपास बार-बार मंडराने और कथित तौर पर उस क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगाने वाले पहले के अदालती आदेश का उल्लंघन करने के कारण अमेरिकी गुप्त सेवा की नजर में पहले से ही मौजूद था।
बेस्ट को इससे पहले 26 जून, 2025 को वाशिंगटन में 15वीं स्ट्रीट और ई स्ट्रीट एनडब्ल्यू के पास वाहनों के आवागमन में बाधा डालने के आरोप में पकड़ा गया था। उसे 10 जुलाई, 2025 को अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में फिर से गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उसने कथित तौर पर व्हाइट हाउस के प्रतिबंधित पैदल यात्री नियंत्रण बिंदु को दरकिनार करते हुए निकास द्वार से प्रवेश किया था। इस घटना के अदालती रिकॉर्ड में कहा गया कि डीसी पुलिस और गुप्त सेवा कर्मियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान, बेस्ट ने कथित तौर पर अटपटे बयान दिए, जिसमें खुद को “ईसा मसीह” कहना और यह कहना शामिल था कि वह “गिरफ्तार होना चाहता है”।
हालांकि अधिकारियों ने यह संकेत नहीं दिया है कि नवीनतम गोलीबारी की घटना के पीछे कोई राजनीतिक मकसद था या नहीं। हालांकि, राजनीतिक क्षेत्र के सभी नेताओं ने इस घटना के बाद राजनीतिक हिंसा की निंदा की, जो हाल के हफ्तों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आसपास गोलीबारी से जुड़ी एक और सुरक्षा संबंधी आशंका को दर्शाती है।
व्हाइट हाउस में हुई फायरिंग
दरअसल, अमेरिकी समयानुसार शनिवार शाम को व्हाइट हाउस के बाहर गोलियों की कई आवाजें सुनी गईं। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी व्हाइट हाउस में मौजूद थे। हालांकि फायरिंग करने वाले शख्स को सुरक्षाकर्मियों ने मार गिराया। फिलहाल व्हाइट हाउस की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। सुरक्षा एजेंसी ने बयान में कहा कि व्हाइट हाउस के पास एक सुरक्षा चौकी पर हमलावर द्वारा एजेंटों पर गोली चलाने के बाद, “सीक्रेट सर्विस के पुलिस अधिकारियों ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें संदिग्ध को गोली लगी। उसे पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।”
कैसे हुई पूरी घटना
गोलीबारी 17th Street और Pennsylvania Avenue NW के पास हुई, जो व्हाइट हाउस से सिर्फ एक ब्लॉक की दूरी पर है। व्हाइट हाउस में मौजूद पत्रकारों ने बताया कि उन्होंने कई गोलियों की आवाज सुनी, जिसके बाद उन्हें तुरंत प्रेस ब्रीफिंग रूम के अंदर सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए गए।
‘सीक्रेट सर्विस की नजर में था आरोपी’
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नासिरे बेस्ट पहले भी कई बार संघीय सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में आ चुका था, जिसके कारण वह ‘सीक्रेट सर्विस के लिए परिचित चेहरा’ बन गया था। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 26 जून 2025 को सीक्रेट सर्विस अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था, जब उसने कथित तौर पर एजेंट्स को रोककर धमकियां दी थीं।
इसके बाद 10 जुलाई 2025 को प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने के आरोप में उसे फिर से हिरासत में लिया गया था। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक बेस्ट मानसिक रूप से परेशान था और खुद को ‘जीसस क्राइस्ट’ मानता था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उसने अदालत के उस आदेश का उल्लंघन किया था, जिसमें उसे व्हाइट हाउस परिसर से दूर रहने को कहा गया था।
बीएनओ न्यूज ने भी रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि बेस्ट ने पिछले साल भी व्हाइट हाउस में घुसने की कोशिश की थी। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक गोलीबारी के पीछे के मकसद का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया है और मामले की जांच जारी है।