नई दिल्ली। देश के सबसे प्रतिष्ठित विधायी सम्मानों में से एक संसद रत्न पुरस्कार के लिए इस वर्ष के विजेताओं का चयन कर लिया गया है। एक निजी संस्था ‘प्राइम पॉइंट फाउंडेशन’ ने आधिकारिक बयान जारी कर इस साल पुरस्कार के लिए 12 सांसदों और 4 संसदीय समितियों को चुनने की घोषणा की है। यह चयन सांसदों की ओर से सदन में किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन, जनता के मुद्दों को उठाने और विधायी कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी के आधार पर किया गया है। चुने गए इन सभी विजेताओं को आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा।
दिग्गज नेताओं और कर्मठ सांसदों का हुआ चयन
फाउंडेशन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, व्यक्तिगत श्रेणी में कई अनुभवी और ऊर्जावान राजनेताओं को इस पुरस्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश से भाजपा सांसद जगदंबिका पाल, राजस्थान से पीपी चौधरी, झारखंड से निशिकांत दुबे और महाराष्ट्र से शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा, इस साल बजट सत्र की समाप्ति तक संसद के भीतर शानदार रिकॉर्ड दर्ज कराने वाले कई अन्य सांसदों को भी विभिन्न श्रेणियों में इस सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें उत्तर प्रदेश से प्रवीन पटेल, झारखंड से विद्युत वरण महतो, राजस्थान से लुंबाराम चौधरी और महाराष्ट्र से हेमंत विष्णु सावरा का नाम शामिल है। वहीं, महाराष्ट्र से स्मिता उदय वाघ, नरेश गणपत म्हस्के, मेधा विश्राम कुलकर्णी और गुजरात से नरहरि अमीन को भी उनके बेहतरीन विधायी कामकाज के आधार पर इस सूची में जगह मिली है।
इन चार संसदीय समितियों के नाम पर भी मुहर
सांसदों के साथ-साथ संसद की चार सबसे प्रभावी और सक्रिय समितियों को भी इस साल के पुरस्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन कमेटियों ने विभिन्न नीतिगत मामलों और जनहित के विषयों पर बेहतरीन समीक्षा और रिपोर्ट पेश की हैं। पुरस्कार के लिए चुनी गई कमेटियों में चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता वाली कृषि समिति, भतृहरि महताब की अगुवाई वाली वित्त समिति, सप्तगिरी शंकर उलाका की अध्यक्षता वाली ग्रामीण विकास और पंचायती राज समिति तथा अनुराग ठाकुर के नेतृत्व वाली कोयला और खान समिति शामिल है।
अनुभव और विशिष्ट पृष्ठभूमि का संगम
इस साल चुने गए चेहरों में देश के कई बड़े और अनुभवी राजनेता शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक शासन व्यवस्था को करीब से देखा है। इस गौरवशाली सूची में शामिल जगदंबिका पाल और चरणजीत सिंह चन्नी पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वहीं, गुजरात से आने वाले नरहरि अमीन पूर्व उपमुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
किन-किनको मिलेगा पुरस्कार
प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रवीण पटेल (उत्तर प्रदेश), विद्युत बरन महतो (झारखंड), लुम्बाराम चौधरी (राजस्थान), हेमंत विष्णु सवरा (महाराष्ट्र), स्मिता उदय वाघ (महाराष्ट्र), नरेश गणपत म्हस्के (महाराष्ट्र), मेधा विश्राम कुलकर्णी (महाराष्ट्र) और नरहरि अमीन (गुजरात) को इस साल बजट सत्र के अंत तक संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा।