नई दिल्ली। ड्रग डॉन और दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को भारत लाया गया। सलीम डोला को दिल्ली टेक्निकल एयरपोर्ट पर डिपोर्ट किया गया। खुफिया विभाग के एक ऑपरेशन के बाद इंटरनेशनल एजेंसियों के साथ मिलकर सलीम डोला को भारत डिपोर्ट कराया गया है। सलीम डोला को हाल ही में तुर्की के इस्तांबुल में गिरफ्तार किया गया था। जहां मंगलवार सुबह उसे इस्तांबुल से भारत डिपोर्ट किया गया।
बताया गया कि आज सुबह एक विशेष विमान से सलीम डोला को दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया। इस वक्त सलीम डोला से खुफिया एजेंसियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। इसके बाद समीम डोला को मुंबई पुलिस को हैंडओवर कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि डोला ‘D Company’ की ओर से भारत में एक ड्रग नेटवर्क चला रहा था।
डोला पर क्या आरोप?
डोंगरी का रहने वाला डोला, करीब एक दशक पहले भारत से भागने के बाद विदेश से ही अपना काम चला रहा था और कई राज्यों में फैले नशीले पदार्थों के एक नेटवर्क को चला रहा था। भारतीय एजेंसियों ने ‘नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट’ के तहत उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कीं। जहां आज उसे भारत वापस ले आया गया।
2024 में डोला की भूमिका तब सुर्खियों में आई, जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने 4 किलोग्राम MD जब्ती के मामले में जांच करते हुए सप्लाई चेन का पता लगाया। यह सप्लाई चेन सांगली और सूरत से शुरू होकर UAE और तुर्की तक जाती थी, जहां डोला अपने साथियों के जरिए इन ऑपरेशन्स को निर्देशित करता था। पिछले साल, इसके बेटे ताहिर और भतीजे मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला को इंटरपोल के जरिए UAE से डिपोर्ट कर दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम से उसका नेटवर्क कमजोर पड़ गया था।
नारकोटिक्स एजेंसियों के लिए एक जाना-पहचाना चेहरा, डोला का नाम अंतरराष्ट्रीय कार्टेल से जुड़ा रहा है। उसे पहली बार 1998 में मुंबई हवाई अड्डे पर 40 किलोग्राम मैंड्रेक्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि सलीम मिर्ची के बाद, उसने ‘डी-कंपनी’ के लिए नारकोटिक्स से जुड़े ऑपरेशन्स को संभाला था।