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पेपर लीक संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष का हंगामा; दोनों सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया। सरकार का कहना है कि यह विधेयक परीक्षा प्रणाली को अधिक. . .

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया। सरकार का कहना है कि यह विधेयक परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के साथ-साथ पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। हालांकि, विधेयक पेश होने के साथ ही विपक्ष ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लगातार नारेबाजी के बीच पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्ष ने छात्रों पर कार्रवाई को बनाया मुख्य मुद्दा

संसद की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। विपक्षी सांसदों ने सरकार पर छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

डिंपल यादव का सरकार पर हमला

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भाजपा सरकार पर छात्रों के खिलाफ अत्याचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जबकि बिहार में छात्रों पर AK-47 से गोली चलाए जाने की बातें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह बेहद गंभीर और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में नागरिकों की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों को लगातार कमजोर किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम ही जानलेवा बन गया है।” राहुल ने आरोप लगाया कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोली चलाने और बड़ी संख्या में छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके उलट छात्रों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। राहुल गांधी ने सरकार से छात्रों से माफी मांगने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

पवन खेड़ा ने सरकार से मांगा जवाब

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यदि छात्रों पर पैलेट गन चलाए जाने के आरोप सही हैं तो सरकार को संसद में इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं पर बल प्रयोग जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाबदेही से नहीं बच सकती। परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स पर प्रतिक्रिया देते हुए खेड़ा ने सरकार पर कांग्रेस के सुझावों को अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर बड़े मुद्दे पर कांग्रेस की नीतियों और सुझावों का सहारा लेती रही है।सीजेपी नेतृत्व के जश्न को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी की टिप्पणी पर भी पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर चुप रहना चाहिए।

किरेन रिजिजू ने विपक्ष से चर्चा की अपील की

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से हंगामा छोड़कर परीक्षा सुधार विधेयक पर गंभीर चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। सरकार ने परीक्षा सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है और ऐसी व्यवस्था तैयार की जा रही है जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। रिजिजू ने बताया कि संशोधन विधेयक में पेपर लीक में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी और समयबद्ध सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक पर संसद में व्यापक चर्चा होनी चाहिए और ऐसे मुद्दों पर बहस के लिए संसद से बेहतर मंच कोई नहीं है।

मकर द्वार पर विपक्ष का प्रदर्शन

संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने प्रदर्शन किया। विपक्ष ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार से पूरे मामले की जवाबदेही तय करने और छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।

क्या है परीक्षा सुधार संशोधन विधेयक?

सरकार के अनुसार, लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत—

  • पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान।
  • दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था।
  • परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई तकनीकी और प्रशासनिक प्रणाली।
  • भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए संस्थागत सुधारों को लागू करना।

सरकार का दावा है कि यह विधेयक देशभर के करोड़ों छात्रों के हितों की रक्षा करने और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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