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बंगाल के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह का बड़ा ऐलान, तृणमूल के पूर्व विधायक निर्मल घोष चाहे किसी भी कमेटी में रहें, गिरफ्तार होकर रहेंगे

कोलकाता। पानीहाटी के तृणमूल के पूर्व विधायक निर्मल घोष को लेकर चल रहे ‘नाम के भ्रम’ के बीच राजनीतिक पारा चढ़ गया है। रंगदारी (तोलाबाजी) के मामले में लंबे समय से लापता निर्मल घोष अचानक सामने आ गए हैं। उन्हें. . .

कोलकाता। पानीहाटी के तृणमूल के पूर्व विधायक निर्मल घोष को लेकर चल रहे ‘नाम के भ्रम’ के बीच राजनीतिक पारा चढ़ गया है। रंगदारी (तोलाबाजी) के मामले में लंबे समय से लापता निर्मल घोष अचानक सामने आ गए हैं। उन्हें तोपसिया में ऋतब्रत खेमे की एक बैठक में देखा गया। हालांकि, ऋतब्रत खेमे का कहना है कि वे वहां बिना बुलाए ही पहुंच गए थे। इस पूरे घटनाक्रम और विवाद के बीच राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने निर्मल घोष पर तीखा हमला बोला है।
परिवहन मंत्री ने साफ शब्दों में कहा, “कानून अपना काम करेगा। वह किसके साथ हैं या किस कमेटी में हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अपना काम पूरी मुस्तैदी से करेगी।”

एक्शन मोड में पुलिस: रडार पर हैं पूर्व टीएमसी विधायक

राज्य में व्यवस्था बदलने के बाद से ही पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। भ्रष्टाचार और रंगदारी के आरोपों में तृणमूल कांग्रेस के कई पूर्व विधायकों को एक-एक कर गिरफ्तार किया जा चुका है। पार्टी के छोटे-बड़े किसी भी नेता को बख्शा नहीं जा रहा है और उन्हें जेल की हवा खानी पड़ रही है। इसी बीच, निर्मल घोष को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज थीं।
दरअसल, पानीहाटी के एक बड़े बार-कम-होटल के मालिक को रंगदारी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद से पुलिस विधानसभा के पूर्व मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) निर्मल घोष की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। लंबे समय से उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था और पुलिस उनके फोन को भी ट्रैक कर रही थी। ऐसे में उनका अचानक ऋतब्रत खेमे की बैठक में खुद मौजूद होना हर किसी को चौंका गया।

‘नाम के कन्फ्यूजन’ पर छिड़ा विवाद

ऋतब्रत खेमे का दावा है कि निर्मल घोष को इस बैठक के लिए कोई आमंत्रण नहीं दिया गया था। दूसरी ओर, निर्मल घोष का कहना है कि उन्हें बाकायदा न्योता मिला था। हालांकि, बाद में यह बात सामने आई कि असल में मेदिनीपुर के ‘निर्मल घोष’ को बुलाया जाना था, लेकिन नाम एक जैसा होने के कारण यह पूरा भ्रम पैदा हो गया। वजह चाहे जो भी हो-चाहे उन्हें न्योता मिला हो या नहीं—इस घटना के बाद निर्मल घोष एक बार फिर राज्य की राजनीति और पुलिस की फाइलों में मुख्य चर्चा का विषय बन गए हैं।

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