कोलकाता। पश्चिम बंगाल के डानकुनी में करीब 20 लाख वर्गफुट क्षेत्र में बने ‘लक्स कोज़ी’ के दूसरे और नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शनिवार को उद्घाटन किया गया। सिंगूर से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित इस परियोजना के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, उद्योग मंत्री तापस राय और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ी नई नीति की घोषणा की।
सरकार खुद खरीदेगी जमीन, फिर उद्योगों को सौंपेगी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार 2013 की केंद्रीय भूमि अधिग्रहण एवं खरीद नीति को लागू कर रही है। इसके तहत सरकार सीधे जमीन खरीदेगी और आवश्यकता के अनुसार संबंधित उद्योग या निवेशक को उपलब्ध कराएगी। उनका कहना है कि इससे उद्योग लगाने के लिए जमीन की उपलब्धता आसान होगी और निवेशकों को अलग-अलग स्तर पर जमीन खरीदने की जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
बीएसएफ, रेलवे, हाईवे और एयरपोर्ट परियोजनाओं में भी लागू होगी नीति
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत सरकार पहले ही जमीन खरीदकर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप चुकी है। इसके अलावा रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और हवाई अड्डों जैसी आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए भी इसी मॉडल पर जमीन खरीदी जाएगी। उनका दावा है कि इससे विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी बाधाएं कम होंगी।
किसानों को मिलेगा ज्यादा मुआवजा
नई नीति के तहत जमीन मालिकों को बेहतर मुआवजा देने का भी प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार मूल्य का चार गुना और शहरी क्षेत्रों में दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। उनका कहना है कि इससे किसानों के हितों की रक्षा होगी और भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद की संभावना कम होगी।
सिंगूर-नंदीग्राम जैसी स्थिति दोबारा नहीं होगी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार की यह नीति अतीत में सिंगूर और नंदीग्राम जैसे भूमि विवादों की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से बनाई गई है। उनका दावा है कि सरकार पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जमीन खरीदेगी और उचित मुआवजा देकर विकास तथा किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाएगी।
100 करोड़ से अधिक निवेश पर बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के लिए एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को अब पंचायत, नगर पालिका, जिला परिषद या पंचायत समिति जैसी स्थानीय संस्थाओं से अलग-अलग अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे निवेशकों को केवल सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से आवेदन करना होगा।
निवेश और रोजगार बढ़ाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आवेदन की जांच के बाद सीधे जमीन उपलब्ध कराएगी और सभी आवश्यक मंजूरियों की प्रक्रिया भी तेज़ी से पूरी कराएगी। उनका मानना है कि इस नई व्यवस्था से राज्य में बड़े निवेश आकर्षित होंगे, नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।