बारुईपुर । पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद हुई मॉब लिंचिंग में जान गंवाने वाले इंद्रजीत मंडल के परिवार को राज्य सरकार ने आर्थिक और प्रशासनिक सहायता प्रदान की। शनिवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बारुईपुर पहुंचे और मृतक के परिवार से मुलाकात की।
मृतक के भाई को सरकारी नौकरी, माता-पिता को 25 लाख रुपये
मुख्यमंत्री ने इंद्रजीत मंडल के बड़े भाई बापी मंडल को राज्य सरकार में सिविक वॉलंटियर के पद का नियुक्ति पत्र सौंपा। उनकी तैनाती सूरजपुर पुलिस चौकी में की जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने इंद्रजीत के माता-पिता को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया। साथ ही पिता के लिए वृद्धावस्था पेंशन और मां को अन्नपूर्णा योजना का लाभ देने की भी घोषणा की गई।
“इंद्रजीत को नाम और पहचान देखकर मारा गया”
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना को “निर्मम हत्याकांड” बताते हुए कहा कि इंद्रजीत मंडल की हत्या उसकी पहचान के आधार पर की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे चुनाव में हारने वाले लोगों की उकसावे की भूमिका हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कट्टरपंथी और अन्य साजिशों की भी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ आरोपियों को दीघा और बकखाली जैसे इलाकों से भी पकड़ा गया है।
“हत्यारों को मिलेगी कड़ी सजा”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 35 वर्षीय अविवाहित इंद्रजीत को जिस तरह हाथ-पैर बांधकर पीट-पीटकर मार डाला गया, वह बेहद क्रूर घटना है। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरतेगी और सभी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के दौरान क्षतिग्रस्त हुए इंद्रजीत के घर की मरम्मत भी प्रशासन द्वारा कराई गई है।
परिवार ने सरकार का जताया आभार
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद बापी मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है और उन्हें जल्द नौकरी जॉइन करने के लिए कहा है।
पहले नाबालिग पीड़िता के परिवार से मिले मुख्यमंत्री
बारुईपुर दौरे की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने दुष्कर्म और हत्या की शिकार नाबालिग लड़की के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने करीब 10 मिनट तक परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही प्रशासन की ओर से त्वरित जांच और दोषियों को सख्त सजा दिलाने का भरोसा भी दिया।
जांच में निर्दोष निकले थे इंद्रजीत मंडल
नाबालिग की हत्या के बाद फैली अफवाहों के बीच गुस्साई भीड़ ने इंद्रजीत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि इस मामले से उनका कोई संबंध नहीं था। परिवार का कहना है कि इंद्रजीत पूरी तरह निर्दोष थे और अफवाहों का शिकार बन गए।
सूरजपुर में नई पुलिस चौकी का उद्घाटन
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सूरजपुर पुलिस चौकी का भी उद्घाटन किया। बारुईपुर की घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए इस नई चौकी की स्थापना की गई है। प्रशासन के अनुसार, फिलहाल इस चौकी में 2 सब-इंस्पेक्टर (SI), 4 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI), 4 महिला पुलिसकर्मी सहित कुल 20 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण, नियमित गश्त और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना इस पुलिस चौकी का मुख्य उद्देश्य होगा।