नई दिल्ली: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपने दोस्त भारत की ओर बहुत ही उम्मीद भरी नजरों से देखा है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में यूएई के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने विश्वास जताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक फोन कॉल मात्र से ही यह संकट दूर हो सकता है।
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी जंग की चपेट में खाड़ी के कई देश बेवजह पिस रहे हैं। इनमें यूएई, कतर, जॉर्डन और सऊदी अरब जैसे मुल्क भी शामिल हैं। यूएई के राजदूत का कहना है कि पीएम मोदी ऐसे वर्ल्ड लीडर हैं, जो इजरायल और ईरान दोनों के अपने समकक्षों से बात करके इस युद्ध को रोकने की ताकत रखते हैं।
ईरान युद्ध में नहीं शामिल होना चाहता UAE
ईरान युद्ध की चपेट में अब पूरी दुनिया आ चुकी है और भारत समेत तमाम दक्षिण एशियाई देशों में इसकी वजह से भयानक पेट्रोलियम संकट पैदा होने लगा है। ऐसे में भारत में यूएई के पहले राजदूत ने एनडीटीवी को सोमवार को बताया कि ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध में उसे शामिल होने की कोई चाहत नहीं है और ऐसा करने का कोई वजह भी नहीं है।
पीएम मोदी के एक कॉल से युद्ध रुकने का भरोसा
जब उनसे पीएम मोदी के यूएई की लीडरशिप से संघर्ष को लेकर हुई बातचीत के बारे में पूछा गया तो मिर्जा ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री का न सिर्फ खाड़ी देशों और उनके नेताओं के बीच सम्मान है, बल्कि वहां की जनता और व्यापार जगत के लोगों में भी बहुत आदर है। संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत ने कहा कि पीएम मोदी की यही विश्वसनीयता जंग में शामिल ईरान और अमेरिका पर भी लागू होती है।
मिर्जा ने कहा, ‘पीएम मोदी की ओर से ईरान और इजरायल के अपने समकक्षों को किया गया एक फोन कॉल इस मुद्दे का समाधान कर सकता है, और इसे समाप्त कर सकता है। सिर्फ एक फोन कॉल।’
ईरान और इजरायल के बीच यूएई मध्यस्थता को तैयार
खाड़ी देश के नेता के मुताबिक पीएम मोदी के प्रति इतना ज्यादा विश्वास, ईरान, इजरायल और अमेरिका में उनकी खास स्थिति की वजह से है। वह अपने देश की जमीन पर जारी संघर्ष से परेशान हैं और कहा है, ‘वे हमारी जमीन पर एक-दूसरे से लड़ रहे हैं। यह अस्वीकार्य है।’
उन्होंने यूएई के बारे में कहा कि इस मुद्दे के समाधान के लिए उसकी स्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह ईरान का पड़ोसी और अब्राहम एकॉर्ड के तहत इजरायल का साझीदार भी। मिर्जा बोले, ‘हम दोनों के बीच मध्यस्थता कर सकते हैं।’
ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध पर भारत का स्टैंड
@ सोमवार को भी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में कहा कि भारत मौजूदा तनाव को कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता है।
@भारत ने सभी पक्षों से फिर संयम बरतने का आग्रह किया है।
@भारत का स्पष्ट स्टैंड है कि भारतीयों की सुरक्षा और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहेंगे।
@पीएम मोदी ने इजरायल-अमेरिका की ओर से ईरान पर हमला शुरू होने के कुछ ही दिन बाद संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की थी।
@इस दौरान ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर किए गए हमले की आलोचना की गई।