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शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 23,300 के नीचे; जानिए गिरावट की 6 बड़ी वजहें

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बाजार खुलते ही 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक टूटकर 74,309.16 के स्तर पर खुला, जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी 23,270.30 के स्तर पर खुला।. . .

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 11 सितंबर को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ईरान-अमेरिका संघर्ष की आशंका और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बाजार खुलते ही 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक टूटकर 74,309.16 के स्तर पर खुला, जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी 23,270.30 के स्तर पर खुला। निफ्टी शुरुआती कारोबार में 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे चला गया।

पश्चिम एशिया के तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। तेल की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधान की चिंता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की कीमतों में इतनी बड़ी तेजी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। महंगे कच्चे तेल से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ 4 शेयर हरे निशान में

बाजार खुलने के करीब 9:15 बजे सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल चार शेयरों में तेजी देखने को मिली। बाकी 26 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

तेजी वाले प्रमुख शेयर:

  • HCL टेक: 1.09% ऊपर
  • टेक महिंद्रा: 1.04% ऊपर
  • इंफोसिस: 0.82% ऊपर
  • TCS: 0.39% ऊपर

आईटी शेयरों में मजबूती के बावजूद व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव हावी रहा।

इंडिगो समेत इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

सेंसेक्स के गिरने वाले शेयरों में इंडिगो सबसे ज्यादा दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में इसके शेयर में करीब 2.55% की गिरावट दर्ज की गई।

इसके अलावा:

  • बजाज फाइनेंस: 2.39% नीचे
  • टाटा स्टील: 2.37% नीचे
  • अल्ट्राटेक सीमेंट: 2.20% नीचे
  • एक्सिस बैंक: 1.98% नीचे

इन शेयरों में गिरावट ने प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया।

10 सितंबर को बाजार हरे निशान में हुआ था बंद

इससे ठीक एक कारोबारी सत्र पहले यानी 10 सितंबर को घरेलू शेयर बाजार में हल्की तेजी देखने को मिली थी।

सेंसेक्स करीब 100 अंकों की तेजी के साथ 74,742.54 पर खुला था। दिन के कारोबार में इसने 74,910.96 का हाई और 74,598.47 का लो बनाया। अंत में सेंसेक्स 138.36 अंक यानी 0.19% की बढ़त के साथ 74,902.59 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 15 शेयर बढ़त में और 15 गिरावट में बंद हुए थे। वहीं, निफ्टी 23,446.60 पर खुला था और दिन में 23,494.95 का हाई तथा 23,380.10 का लो बनाया। कारोबार के अंत में निफ्टी 46.30 अंक यानी 0.20% की तेजी के साथ 23,477.80 पर बंद हुआ था।

आज शेयर बाजार में गिरावट की 6 बड़ी वजहें

1. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड के 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से भारतीय बाजार में चिंता बढ़ी है। महंगा तेल भारत के आयात बिल और महंगाई दोनों पर असर डाल सकता है।

2. रुपये पर दबाव

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और विदेशी पूंजी के बाहर निकलने से भारतीय रुपये पर भी दबाव बढ़ा है। कमजोर रुपया आयात करने वाली कंपनियों और व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का कारण बन सकता है।

3. ग्लोबल बाजारों में Risk-Off सेंटीमेंट

वैश्विक स्तर पर निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बनाते हुए सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। इस Risk-Off Sentiment का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

4. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के करीब 5% तक पहुंचने की चिंता ने भी इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। ऊंची अमेरिकी यील्ड के कारण विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी परिसंपत्तियां अधिक आकर्षक हो सकती हैं।

5. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI/FII की बिकवाली बाजार के लिए एक और बड़ी चिंता है। वैश्विक अनिश्चितता के दौरान विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ता है।

6. घरेलू शेयरों में व्यापक बिकवाली

बाजार में केवल कुछ चुनिंदा शेयर ही नहीं, बल्कि कई सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों का लाल निशान में होना बताता है कि शुरुआती कारोबार में बिकवाली व्यापक थी।

निफ्टी के लिए कौन से स्तर अहम?

टेक्निकल नजरिए से बाजार का शॉर्ट-टर्म आउटलुक फिलहाल कमजोर बना हुआ है। हालांकि, बाजार में अत्यधिक बिकवाली यानी ओवरसोल्ड स्थिति बनने के कारण मौजूदा स्तरों से एक छोटी पुलबैक रैली की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अगर निफ्टी 23,500 और सेंसेक्स 75,000 के ऊपर टिकता है, तो बाजार में उछाल बढ़कर निफ्टी के 23,600-23,650 और सेंसेक्स के 75,200-75,400 तक जा सकता है।

इसके विपरीत, अगर निफ्टी 23,350 और सेंसेक्स 74,600 के नीचे फिसलते हैं, तो बिकवाली और तेज हो सकती है। ऐसी स्थिति में निफ्टी 23,250-23,000 और सेंसेक्स 74,200-73,300 की ओर जा सकता है।

जापान के निक्केई पर भी तेल की मार

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। शुक्रवार को जापान का Nikkei 225 करीब 3.11% गिरकर 63,243.98 के स्तर पर आ गया। वहीं व्यापक Topix इंडेक्स करीब 1.95% गिरकर 3,975.67 पर रहा। तेल की बढ़ती कीमतों से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।

NSE IPO को लेकर भी बाजार में हलचल

इसी बीच, NSE IPO को लेकर भी बाजार में गतिविधियां तेज हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का IPO 17 सितंबर को खुलने की उम्मीद है। प्रस्तावित ऑफर-फॉर-सेल में करीब 12.64 करोड़ शेयर शामिल हो सकते हैं और अनुमानित प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये बताया गया है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

फिलहाल बाजार पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के जोखिम हावी हैं। खासकर कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया का तनाव, रुपये की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों को केवल एक दिन की गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार के सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों के साथ-साथ वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए।

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