कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कथित रंगदारी और आपराधिक मामलों को लेकर पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में दो प्रभावशाली नेताओं को गिरफ्तार किया है। इनमें कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व पार्षद शम्स इकबाल और पानीहाटी नगर पालिका के वार्ड नंबर 13 के पार्षद जयंत दास शामिल हैं। दोनों पर जबरन वसूली, धमकी और मारपीट से जुड़े गंभीर आरोप हैं। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है।
कारोबारी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
गार्डेनरीच थाना पुलिस ने पूर्व पार्षद शम्स इकबाल उर्फ अनिल को एक व्यवसायी की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। शिकायत मटियाबुर्ज निवासी कारोबारी मोहम्मद शादाब ने दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जून 2023 में शम्स इकबाल और उनके सहयोगियों ने उनसे करीब 70 लाख रुपये की रंगदारी वसूली। कारोबारी का दावा है कि रकम नहीं देने पर उनके कारोबार को बंद कराने और परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कथित रूप से रकम देने के बाद भी उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहीं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
सहयोगियों के खिलाफ भी मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में शम्स इकबाल के अलावा उनके दो कथित सहयोगियों मोहम्मद फराज उर्फ बून और फिरोज कुरैशी उर्फ ‘चूरी फिरोज’ को भी आरोपी बनाया है। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं शम्स इकबाल
शम्स इकबाल का नाम इससे पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। पार्षद रहने के दौरान महंगी लग्जरी कार से कोलकाता नगर निगम पहुंचने को लेकर वह चर्चा में रहे थे। इसके अलावा उन पर अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में भी आरोप लग चुके हैं। वहीं, उनके पिता मुन्ना इकबाल का नाम भी पूर्व में कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। गार्डेनरीच के चर्चित पुलिसकर्मी तापस चौधरी हत्याकांड की जांच के दौरान भी उनका नाम सुर्खियों में आया था। हालांकि, इन मामलों की कानूनी प्रक्रिया अपने-अपने स्तर पर चलती रही है।
पानीहाटी के पार्षद जयंत दास भी गिरफ्तार
इसी बीच उत्तर 24 परगना जिले में खड़दह थाना पुलिस ने पानीहाटी नगर पालिका के वार्ड नंबर 13 के पार्षद जयंत दास को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उन पर जबरन वसूली और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, जयंत दास के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज हुई थीं। हालांकि, उन मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। हाल ही में मिली नई शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
चुनाव के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, हालिया चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जयंत दास के आवास पर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला भी सामने आया था। पुलिस का कहना है कि ताजा शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
कई पहलुओं की जांच में जुटी पुलिस
दोनों मामलों में पुलिस अब वित्तीय लेन-देन, कथित रंगदारी नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। फरार बताए जा रहे आरोपियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। इन दोनों हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह शिकायतों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की जा रही है। वहीं, आरोपों पर संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।