कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के शुरुआती घंटों में बुधवार को राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं है। बसंती विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान 76 नंबर बूथ को लेकर अचानक तनाव फैल गया। आरोप है कि बूथ निरीक्षण के लिए पहुंचे बीजेपी प्रत्याशी विकास सरदार पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही विकास सरदार बूथ पर पहुंचे, एक समूह ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और हमलावरों ने उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं, आरोप है कि उनके सुरक्षा कर्मी से आग्नेयास्त्र छीनने की भी कोशिश की गई। घटना के समय इलाके में केंद्रीय बल मौजूद होने के बावजूद समय पर हस्तक्षेप नहीं करने के आरोप लगे हैं। बीजेपी ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक बताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात कही है।
तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश है और मतदान के दिन माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात को काबू में करने की कोशिश जारी है। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद बसंती में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी इस तरह की घटना सामने आने से आम मतदाताओं में चिंता बढ़ गई है।
दक्षिण 24 परगना में आईएसएफ के एजेंट को रोकने का आरोप
दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में आरोप लगे कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के एक एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया, जिससे अशांति फैल गई। आईएसएफ नेता अराबुल इस्लाम ने दावा किया कि एजेंटों के फॉर्म छीने जा रहे हैं और उन्हें बाहर निकाला जा रहा है… महिलाओं को वोट नहीं डालने दिया जा रहा। हमने एजेंट इसलिए तैनात किए ताकि सभी वोट डाल सकें।
कई जगह तनाव
निमतला के बूथ संख्या 140 पर मतदान में देरी हुई, जहां सुबह 7:30 बजे तक मतदान शुरू नहीं हुआ था। इससे मतदाताओं में नाराजगी और तनाव देखा गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि हमने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त हो तथा सभी लोग मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें।
ममता बनर्जी के भाई ने लगाया आरोप
इस बीच, पुलिस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी और तृणमूल कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी, जो एक मतदान केंद्र के पास एकत्र हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि एक स्थान पर चार से अधिक लोगों के जुटने की अनुमति नहीं है। वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी अजय पाल शर्मा सुबह से दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा इलाके में काफिले के साथ गश्त करते नजर आए। डायमंड हार्बर और फाल्टा में केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं।