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बंगाल में हिंसा के साए में हो रही वोटिंग, सुरक्षाबलों का लाठीचार्ज, नारेबाजी और शुभेंदु के साथ झड़प , आमने-सामने BJP-TMC

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को दूसरे और अंतिम चरण के मतदान में लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. उधर कई सीटों पर बीजेपी, टीएमसी और ISF के कार्यकर्ताओं में मारपीट-हिंसक. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को दूसरे और अंतिम चरण के मतदान में लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. उधर कई सीटों पर बीजेपी, टीएमसी और ISF के कार्यकर्ताओं में मारपीट-हिंसक झड़प, ईवीएम की खराबी की घटनाएं भी देखने को मिल रही हैं.
दोपहर तीन बजे तक 78.68 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी है. दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है, जिनमें नादिया, पनिहाटी, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जैसी बड़ी सीटें भी शामिल हैं, जहां से मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं.
कोलकाता के कालीघाट इलाके में उस समय तनाव उत्पन्न हो गया जब भवानीपुर से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी एक मतदान केंद्र पर पहुंचे और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध करते हुए नारेबाजी की. इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया और विपक्षी नेता ने निर्वाचन आयोग को अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करते हुए एक शिकायत दी.
सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. यह घटना कालीघाट स्थित जय हिंद भवन के पास तब हुई जब शुभेंदु अधिकारी मतदान व्यवस्था का निरीक्षण करने आए थे. शुभेंदु अधिकारी सुबह से भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर रहे थे.
शुभेंदु अधिकारी जैसे ही इलाके में पहुंचे, तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके खिलाफ ‘जय बंगला’ और ‘चोर, चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए. वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाकर जवाब दिया, जिससे राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस इलाके में तनाव बढ़ गया.
शुभेंदु अधिकारी ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को फोन किया और कहा, ‘मुझ पर हमला हुआ है. मतदाताओं को स्वतंत्र रूप से मतदान करने की सुविधा के लिए तत्काल और केंद्रीय बल भेजे जाने चाहिए.’ उन्होंने विपक्षी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को डराने-धमकाने के प्रयासों का आरोप लगाते हुए इलाके में अतिरिक्त केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) कर्मियों की तैनाती की भी मांग की
बीजेपी ने आरोप लगाया कि भवानीपुर में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान को रोकने के लिए टीएमसी समर्थक जानबूझकर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्थानीय लोग अधिकारी के खिलाफ स्वतःस्फूर्त आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री mamta बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधे मुकाबले के कारण भवानीपुर सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाले चुनावी क्षेत्रों में से एक बन गया है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘हिंदू भाई लोग मुझे वोट कर रहा है. बांग्लादेशी मुसलमान हंगामा कर रहे थे. सारा हंगामा करने वाले बांग्लादेशी मुसलमान थे जिनका वोट कट गया है. हिंदू भाई के ऊपर मुसलमान लोग अत्याचार कर रहा है.’
नदिया जिले के छपरा में एक चुनावी अभ्यास के दौरान एक बूथ के अंदर बीजेपी के एक मतदान एजेंट पर कथित तौर पर हमला किया गया. बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर उसके एजेंट पर हमला करने का आरोप लगाया, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप से इनकार किया. शांतिपुर में बीजेपी के एक शिविर कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना हुई.
दक्षिण 24 परगना के भांगर में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) ने आरोप लगाया कि उसके मतदान एजेंटों को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया. हावड़ा के बाली निर्वाचन क्षेत्र में लिलुआ के एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में खराबी के कारण मतदान में देरी हुई जिससे तनाव पैदा हो गया. उत्तेजित मतदाताओं को काबू में करने के लिए केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज किया. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया.
आमडांगा में भी एक मतदान केंद्र के पास बाइक सवार समर्थकों के गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस और आरएएफ (त्वरित कार्य बल) के कर्मी भीड़ को खदेड़ते दिखे. पानीहाटी में बीजेपी उम्मीदवार और आरजी कर रेप पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को विरोध का सामना करना पड़ा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उनकी कार रोक दी. वहीं, जगदल में एक मतदान केंद्र के पास हथियार बरामद होने से तनाव फैल गया जिसके बाद पुलिस और केंद्रीय बलों ने स्थिति को संभाला.
दक्षिण 24 परगना के बसंती विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार विकास सरदार ने बुधवार को आरोप लगाया कि जब वह निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केंद्रों का दौरा कर रहे थे तब ‘200-250 तृणमूल के गुंडों’ ने उनकी कार पर हमला किया और उनके चालक से मारपीट की. तृणमूल ने इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
विकास सरदार ने दावा किया कि यह घटना कंठालबेरिया इलाके में उस समय हुई, जब वह अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों का दौरा कर रहे थे. विकास सरदार ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी पर पथराव भी किया गया और घटना के बाद केंद्रीय बलों को मौके पर भेजा गया. बीजेपी उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने भी उनके साथ मारपीट की.
विकास सरदार ने कहा, ‘मेरी कार पर हमला हुआ और पुलिसकर्मियों ने मुझे भी पीटा. वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के बजाय सत्तारूढ़ पार्टी की मदद कर रहे हैं.’ मतदान के शुरुआती घंटों में बुधवार को राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार चापड़ा, शांतिपुर, निमतला और भांगड़ समेत कई स्थानों से हिंसा और तोड़फोड़ की शिकायतें मिली हैं.
पुलिस ने बताया कि शांतिपुर में वार्ड संख्या 16 स्थित भाजपा के कैंप कार्यालय में बुधवार सुबह तोड़फोड़ की गई. वहां फर्नीचर तोड़ दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया. दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में आरोप लगे कि आईएसएफ के एक एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया, जिससे अशांति फैल गई.
आईएसएफ नेता अराबुल इस्लाम ने दावा किया, ‘एजेंटों के फॉर्म छीने जा रहे हैं और उन्हें बाहर निकाला जा रहा है… महिलाओं को वोट नहीं डालने दिया जा रहा. हमने एजेंट इसलिए तैनात किए ताकि सभी वोट डाल सकें.’ निमतला के बूथ संख्या 140 पर मतदान में देरी हुई, जहां सुबह 7:30 बजे तक मतदान शुरू नहीं हुआ था. इससे मतदाताओं में नाराजगी और तनाव देखा गया.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है. उन्हें निर्देश दिया गया है कि मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त हो तथा सभी लोग मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें.’ इस बीच, पुलिस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी और तृणमूल कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी, जो एक मतदान केंद्र के पास एकत्र हुए थे. अधिकारियों ने कहा कि एक स्थान पर चार से अधिक लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है.

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