नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जारी छात्र-युवा आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की पहल की है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और वह स्वयं बातचीत में शामिल होंगे तथा छात्रों को जितना समय चाहिए, सरकार देने के लिए तैयार है।
सरकार ने चार बार भेजा बातचीत का प्रस्ताव
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने बुधवार दोपहर से अब तक चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी छात्र-युवाओं के लिए खुला निमंत्रण है और सरकार उनकी सुविधा के अनुसार किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हम अपनी प्रतिष्ठा को बीच में नहीं लाना चाहते। हमारा उद्देश्य बातचीत के माध्यम से समाधान तक पहुंचना है। हम आपसे अपील करते हैं कि वार्ता में शामिल हों।” उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के कार्यालय या उनके आवास पर हो सकती है और सरकार दिन के किसी भी समय चर्चा के लिए उपलब्ध है।
CJP ने रखा न्यूट्रल स्थान पर बातचीत का प्रस्ताव
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि प्रतिनिधिमंडल किसी मंत्री के आवास या कार्यालय नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “पुलिस के माध्यम से हमें बताया गया कि जेपी नड्डा ने अपने आवास पर बातचीत के लिए बुलाया है। यदि सरकार वास्तव में बातचीत चाहती है, तो वह जंतर-मंतर आए या किसी निष्पक्ष स्थान पर वार्ता आयोजित करे।”गौरतलब है कि एक दिन पहले भी CJP ने नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे का मौन प्रदर्शन
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी छात्रों के समर्थन में महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में मौन प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वह भावुक नजर आए। हालांकि, कुछ समय बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण उन्हें प्रदर्शन स्थल छोड़ना पड़ा। इससे पहले अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च निर्वाचित नेता हैं, इसलिए जनता की चिंताओं और सवालों का उनके समक्ष पहुंचना आवश्यक है।