नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 में मैक्सिको ने यादगार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। राउंड ऑफ-32 के मुकाबले में टीम ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर 40 साल बाद विश्व कप के नॉकआउट चरण में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस शानदार सफलता के साथ मैक्सिको ने राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली, जबकि स्टेडियम में मौजूद हजारों समर्थक जीत के जश्न में डूब गए।
पहले हाफ में ही तय कर दी जीत
मैक्सिको ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले हाफ में ही मैच अपने नाम कर लिया। टीम ने नौ मिनट के भीतर दो गोल दागकर इक्वाडोर पर दबाव बना दिया। 22वें मिनट में जूलियन क्विनोनेस ने शानदार फिनिश के साथ टीम का खाता खोला। यह इस विश्व कप में उनका तीसरा गोल रहा। इसके बाद 31वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने बेहतरीन स्ट्राइक लगाकर बढ़त को 2-0 कर दिया। जिमेनेज का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में यह 47वां गोल था और इसके साथ ही वह मैक्सिको के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए।
1986 के बाद पहली नॉकआउट जीत
यह जीत मैक्सिको के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि 1986 के बाद पहली बार उसने विश्व कप के नॉकआउट चरण में कोई मुकाबला जीता है। संयोग से 1986 में भी मेजबान मैक्सिको ने इसी मैदान पर बुल्गारिया को 2-0 से हराकर नॉकआउट मैच जीता था। इस बार विश्व कप के 48 टीमों वाले नए प्रारूप के कारण राउंड ऑफ-32 खेला जा रहा है। हालांकि मैक्सिको अभी क्वार्टर फाइनल में नहीं पहुंचा है, लेकिन लगातार सात विश्व कप में पहले नॉकआउट मुकाबले में हारने का सिलसिला तोड़ना टीम के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
रेड कार्ड से और मुश्किल में फंसा इक्वाडोर
मैच के अंतिम चरण में इक्वाडोर की मुश्किलें और बढ़ गईं। डिफेंडर पिएरो हिनकापी को विरोधी खिलाड़ी के साथ विवाद के दौरान अनुचित व्यवहार करने पर रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद इक्वाडोर को मुकाबले के आखिरी मिनट 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने पड़े और टीम वापसी करने में नाकाम रही।