नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया के कई बड़े नेताओं का भारत पहुंचना शुरू हो गया है। दो दिवसीय यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को भारत आएंगे। सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अनिश्चितताओं, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। BRICS देशों के नेता वैश्विक शासन व्यवस्था, बहुपक्षवाद, व्यापार, निवेश, तकनीक, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
सात साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग
चीन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 12 से 13 सितंबर तक भारत की यात्रा करेंगे। यह करीब सात वर्षों के बाद शी जिनपिंग का भारत दौरा होगा। राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच शनिवार शाम द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। चीन की ओर से यात्रा की आधिकारिक घोषणा भले ही बाद में की गई हो, लेकिन सूत्रों के अनुसार बीजिंग ने भारत को काफी पहले ही राष्ट्रपति के दौरे की जानकारी दे दी थी। बताया गया है कि 27 अगस्त को ही चीनी प्रतिनिधिमंडल के लिए वीजा जारी करने का अनुरोध भारतीय दूतावास से किया गया था।
67 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आ रहे हैं चीनी राष्ट्रपति
शी जिनपिंग अकेले भारत नहीं आ रहे हैं। उनके साथ करीब 67 सदस्यीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल के भारत पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इस प्रतिनिधिमंडल में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य और शी के करीबी सहयोगी काई ची तथा चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं। इसके अलावा चीन की ओर से एक अलग कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के भी भारत आने की जानकारी है।
सिर्फ 24 घंटे का होगा शी जिनपिंग का भारत दौरा
शी जिनपिंग का भारत दौरा बेहद व्यस्त रहने वाला है। उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक वह 12 सितंबर को दोपहर 12:25 बजे एएफएस पालम पहुंचेंगे और अगले दिन दोपहर करीब 12:20 बजे भारत से रवाना होंगे। भारत पहुंचने के बाद वह भारत मंडपम जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद BRICS की बैठक और द्विपक्षीय कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी होगी।
12 सितंबर को क्या होगा? ये है पहले दिन का कार्यक्रम
BRICS सम्मेलन का पहला दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
दोपहर 2:35 बजे — बंद कमरे में बैठक
BRICS सदस्य देशों के नेताओं की बंद कमरे में बैठक शुरू होगी। इसका प्रमुख विषय ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ होगा।
इस दौरान वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और प्रभावी बनाने सहित कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी।
शाम 4:25 बजे — ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी
BRICS नेता ‘भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी’ का दौरा करेंगे। इस दौरान भारत की तकनीकी क्षमता, नवाचार और विकास से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
शाम 5:05 बजे — फैमिली फोटो और पौधारोपण
इसके बाद सभी प्रमुख नेता आधिकारिक फैमिली फोटो में शामिल होंगे। इसके साथ संयुक्त रूप से पौधारोपण का कार्यक्रम भी होगा।
शाम 7:30 बजे — पीएम मोदी देंगे डिनर
पहले दिन के कार्यक्रम का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित भव्य रात्रिभोज के साथ होगा। इसमें BRICS देशों और आमंत्रित देशों के प्रमुख नेता शामिल होंगे।
13 सितंबर को होगा BRICS का मुख्य सत्र
दूसरे दिन सुबह से ही भारत मंडपम में नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।
सुबह 9:55 बजे — नेताओं का आगमन
BRICS सदस्य देशों, पार्टनर देशों और आमंत्रित मेहमानों के भारत मंडपम पहुंचने का सिलसिला शुरू होगा।
सुबह 10:35 बजे — आधिकारिक ग्रुप फोटो
इसके बाद सभी प्रमुख नेताओं की आधिकारिक समूह तस्वीर ली जाएगी।
सुबह 10:50 बजे — मुख्य खुला सत्र
इसके बाद BRICS का मुख्य खुला सत्र शुरू होगा। इसका विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना’ रखा गया है।
इस सत्र में वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, तकनीक, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा समेत व्यापक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
समापन — नई दिल्ली घोषणापत्र
सम्मेलन के अंत में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ जारी किया जाएगा। इसके साथ दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन का औपचारिक समापन होगा।
कौन-कौन से नेता कब पहुंचेंगे दिल्ली?
BRICS सम्मेलन में शामिल होने के लिए कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भारत पहुंच रहे हैं।
10 सितंबर
- रात 9:50 बजे: माउरो विएरा, विदेश मंत्री, ब्राजील — टी3, IGI एयरपोर्ट
11 सितंबर
- रात 1:15 बजे: व्लादिमीर पुतिन, राष्ट्रपति, रूस — एएफएस पालम
- सुबह 4:10 बजे: टेड्रोस अदनोम गेब्रियेसस, महानिदेशक, WHO — टी3, IGI एयरपोर्ट
- सुबह 8:25 बजे: झोउ जियायी, अध्यक्ष, AIIB — टी3, IGI एयरपोर्ट
- सुबह 8:45 बजे: मारियो लुबेटकिन, विदेश मंत्री, उरुग्वे — टी3, IGI एयरपोर्ट
- सुबह 9:05 बजे: सिरिल रामाफोसा, राष्ट्रपति, दक्षिण अफ्रीका — टी3, IGI एयरपोर्ट
- सुबह 9:15 बजे: जेसिका अल्पू, उपराष्ट्रपति, युगांडा — टी3, IGI एयरपोर्ट
- दोपहर 1:25 बजे: एंतोनियो गुतारेस, महासचिव, संयुक्त राष्ट्र — टी3, IGI एयरपोर्ट
- दोपहर 2:00 बजे: डिल्मा रूसेफ, अध्यक्ष, NDB — टी3, IGI एयरपोर्ट
- दोपहर 2:00 बजे: मसूद पेजेश्कियान, राष्ट्रपति, ईरान — एएफएस पालम
- दोपहर 2:45 बजे: काशिम शेट्टिमा, उपराष्ट्रपति, नाइजीरिया — एएफएस पालम
- शाम 5:35 बजे: अब्देल फतह अल-सिसी, राष्ट्रपति, मिस्र — एएफएस पालम
- शाम 5:50 बजे: शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, क्राउन प्रिंस, अबू धाबी/यूएई — एएफएस पालम
- शाम 6:40 बजे: अनवर इब्राहिम, प्रधानमंत्री, मलेशिया — एएफएस पालम
- शाम 7:30 बजे: अबी अहमद अली, प्रधानमंत्री, इथियोपिया — एएफएस पालम
- रात 8:45 बजे: इवारिस्ते नदायिशिमिये, राष्ट्रपति, बुरुंडी — एएफएस पालम
- रात 9:00 बजे: प्रबोवो सुबियांतो, राष्ट्रपति, इंडोनेशिया — एएफएस पालम
- रात 10:00 बजे: फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, राष्ट्रपति, फिलीपींस — एएफएस पालम
- रात 10:50 बजे: ब्रूनो रोड्रिग्ज परिल्ला, विदेश मंत्री, क्यूबा — टी3, IGI एयरपोर्ट
- रात 11:35 बजे: नगोजी ओकोन्जो-इवेला, महानिदेशक, WTO — टी3, IGI एयरपोर्ट
12 सितंबर
- सुबह 5:35 बजे: मैक्सिम राइजेंकोव, विदेश मंत्री, बेलारूस — टी3, IGI एयरपोर्ट
- सुबह 11:05 बजे: ले मिन्ह हंग, प्रधानमंत्री, वियतनाम — टी3, IGI एयरपोर्ट
- दोपहर 12:25 बजे: शी जिनपिंग, राष्ट्रपति, चीन — एएफएस पालम
- दोपहर 3:30 बजे: अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जायानी, विदेश मंत्री, बहरीन — टी3, IGI एयरपोर्ट
- शाम 4:10 बजे: कासिम-जोमार्त तोकायेव, राष्ट्रपति, कजाखस्तान — एएफएस पालम
- रात 9:00 बजे: फैसल बिन फरहान अल सऊद, विदेश मंत्री, सऊदी अरब — एएफएस पालम
भारत-चीन संबंधों के लिए अहम हो सकती है मोदी-शी मुलाकात
शी जिनपिंग का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पिछले कुछ समय में भारत और चीन के संबंधों में सुधार के संकेत मिले हैं। 2024 में कजान में हुई बैठक के बाद दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख से जुड़े सैन्य तनाव को कम करने की दिशा में प्रगति हुई थी। अब प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की संभावित द्विपक्षीय बैठक पर सभी की नजरें रहेंगी। भारत की ओर से व्यापार संतुलन, बाजार तक निष्पक्ष पहुंच और भरोसेमंद सप्लाई चेन जैसे के इतने बड़े नेताओं के एक साथ राजधानी पहुंचने के कारण दिल्ली को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है मुद्दे उठाए जाने की संभावना है।
दिल्ली में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम
दुनिया के इतने बड़े नेताओं के एक साथ राजधानी पहुंचने के कारण दिल्ली को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। करीब 15,000 दिल्ली पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। इसके अलावा नई दिल्ली और प्रमुख VVIP रूटों पर 500 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। चीन, रूस और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों के लिए अलग-अलग होटल निर्धारित किए गए हैं। इन देशों की अपनी सुरक्षा टीमें भी दिल्ली पहुंच चुकी हैं।
ड्रोन और हल्के विमानों पर भी प्रतिबंध
सम्मेलन के दौरान हवाई सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली केफिक प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। सुरक्षा काफिलों के गुजरने के दौरान कुछ समय के लिए सामान्य यातायात रोका भी करीब 300 किलोमीटर के दायरे में 52 घंटे तक ड्रोन, UAV और हल्के विमानों जैसे हवाई वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा उत्तर भारत के कई राज्यों में उड़ानों को लेकर भी अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
ट्रैफिक और रेलवे सेवाओं पर भी पड़ेगा असर
VVIP मूवमेंट के कारण दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर अस्थायी ट्रैफिक प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। सुरक्षा काफिलों के गुजरने के दौरान कुछ समय के लिए सामान्य यातायात रोका भी जा सकता है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से जुड़ी कुछ ट्रेनों के रद्दीकरण, मार्ग परिवर्तन और रीशेड्यूलिंग में भी बदलाव किए गए हैं।
BRICS Summit को कवर करने पहुंच रहे 1300 तक पत्रकार
इस हाई-प्रोफाइल सम्मेलन को कवर करने के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से करीब 1,200 से 1,300 पत्रकारों के दिल्ली पहुंचने की जानकारी है। भारत मंडपम अगले दो दिनों तक वैश्विक कूटनीति का प्रमुख केंद्र रहेगा, जहां दुनिया के कई प्रभावशाली नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा और बहुपक्षीय व्यवस्था के भविष्य पर चर्चा करेंगे।
दुनिया की नजर नई दिल्ली पर
18वां BRICS शिखर सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहां वैश्विक स्तर पर व्यापार और ऊर्जा से जुड़ी अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर भारत-चीन संबंधों में सुधार और प्रमुख देशों के साथ भारत की बढ़ती रणनीतिक भागीदारी भी इस सम्मेलन को खास बनाती है।