डेस्क : सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले वैभव सूर्यवंशी का इंग्लैंड दौरा किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं रहा। जिस खिलाड़ी ने बड़े सपनों के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा, उसी को सीरीज के आखिरी और सबसे अहम मुकाबले से बाहर कर दिया गया। मैच खत्म होने के बाद वायरल वीडियो में वैभव की नम आंखें देखकर फैंस भी भावुक हो गए।
तीन मौके मिले, लेकिन बल्ला नहीं चला
वैभव ने सीरीज के तीन मुकाबले खेले, लेकिन हर बार बड़ी पारी खेलने से चूक गए। उन्होंने क्रमशः 14, 13 और 15 रन बनाए। खासकर इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों, विशेष रूप से जॉफ्रा आर्चर की शॉर्ट पिच गेंदों के सामने वे संघर्ष करते नजर आए। आखिरकार टीम मैनेजमेंट ने उन्हें पांचवें टी20 से बाहर कर दिया।
आखिरी मैच से ड्रॉप, टूट गया दिल?
Look at the way Vaibhav Suryavanshi is crying after being dropped, sitting alone in disappointment. 💔
— Sonu (@Cricket_live247) July 11, 2026
It feels like a harsh decision by Gautam Gambhir and Shreyas Iyer. 🥹 pic.twitter.com/HbTn8Nxqrr
पांचवें और अंतिम टी20 में जब वैभव का नाम प्लेइंग इलेवन में नहीं था, तो कई क्रिकेट प्रेमियों को हैरानी हुई। मैच के बाद सामने आए वीडियो में युवा बल्लेबाज को भावुक हालत में देखा गया। उनकी आंखों में आंसू थे, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी कि क्या इतने कम उम्र के खिलाड़ी के साथ जल्दबाजी में फैसला लिया गया?
टीम इंडिया की बल्लेबाजी भी रही फ्लॉप
इंग्लैंड के खिलाफ पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। मेजबान टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 की अजेय बढ़त के साथ पहली बार भारत के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 सीरीज अपने नाम की। ऐसे में सिर्फ एक युवा खिलाड़ी को बाहर करना भी चर्चा का विषय बन गया।
आखिर क्यों बाहर हुए वैभव?
मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने साफ किया कि वैभव को प्रदर्शन के कारण नहीं, बल्कि टीम कॉम्बिनेशन की वजह से बाहर किया गया। उन्होंने कहा कि टीम को अभिषेक शर्मा के साथ एक दाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत थी, इसलिए अनुभवी संजू सैमसन को मौका दिया गया। अय्यर ने कहा, “हम परिस्थितियों के हिसाब से सबसे बेहतर कॉम्बिनेशन के साथ उतरना चाहते थे। हमारे पास अधिकतर बल्लेबाज लेफ्ट हैंडर थे, इसलिए संजू सैमसन को शामिल किया गया। उन्होंने पहले भी कई बार टीम को जीत दिलाई है।”
फैंस और पूर्व खिलाड़ियों ने उठाए सवाल
वैभव के बाहर होने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठाए। कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि 15 साल के खिलाड़ी को खुद को साबित करने के लिए लगातार मौके मिलने चाहिए थे। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ढलने के लिए थोड़ा समय मिलना चाहिए था।
🌟 यह अंत नहीं, एक नई शुरुआत है
इंग्लैंड दौरा वैभव सूर्यवंशी के लिए मुश्किल जरूर रहा, लेकिन यही अनुभव उनके करियर की सबसे बड़ी सीख भी बन सकता है। घरेलू क्रिकेट और उम्र वर्ग के टूर्नामेंटों में अपनी प्रतिभा साबित कर चुके इस युवा बल्लेबाज से भविष्य में बड़ी उम्मीदें हैं।
आंसुओं से लेकर उम्मीदों तक
मैदान पर बहते आंसू किसी खिलाड़ी की कमजोरी नहीं, बल्कि उसके सपनों और जुनून की कहानी कहते हैं। वैभव सूर्यवंशी अभी सिर्फ 15 साल के हैं और उनका क्रिकेट सफर अभी शुरू ही हुआ है। फैंस को उम्मीद है कि यह मुश्किल दौर एक दिन उनकी सबसे बड़ी ताकत बनेगा और वे टीम इंडिया के लिए कई यादगार पारियां खेलेंगे।