नई दिल्ली : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता धरने पर बैठे। दूसरी ओर जंतर-मंतर पर भी छात्रों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प और पत्थरबाजी के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है।
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, फिर भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को तुरंत रोकना चाहिए।
संसद से अस्पताल तक, लगातार सक्रिय रहे राहुल गांधी
प्रदर्शन से पहले राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर संसद में NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा की मांग की। इसके बाद वह प्रियंका गांधी के साथ आरएमएल अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
धर्मेंद्र प्रधान के साथ गृह मंत्री के इस्तीफे की भी मांग
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं, इसलिए इस पूरे मामले की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री पर भी आती है।
कांग्रेस का आरोप—सरकार जवाबदेही से भाग रही है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार न तो छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की जिम्मेदारी ले रही है और न ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
कांग्रेस का बड़ा हमला
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है। उनका आरोप है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है। कांग्रेस ने मांग की कि छात्रों के साथ हुई घटना की जवाबदेही तय की जाए और शिक्षा मंत्री के साथ-साथ गृह मंत्री भी इस्तीफा दें।