कोलकाता। बंगाल में जब से बीजेपी की सरकार बनी है, तब से ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बस से टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वह बंगाल में कार्रवाई का केंद्र बन चुके हैं। शुभेंदु अधिकारी के लगातार निशाने पर हैं। उनके खिलाफ एक के बाद बड़ी कार्रवाई हो रही है। अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR की गई, अवैध संपत्तियों का ब्योरा जारी किया गया। उनके सबसे बड़े और भरोसेमंद साथी जहांगीर खान फलता से चुनाव लड़ने से पीछे हट गए। मतलब यूं कि कहें कि CM कुर्सी से ममता के हटते ही अभिषेक को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं।उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं. आइए जानते हैं बंगाल में कैसे कार्रवाई का केंद्र बने अभिषेक?
शुभेंदु के निशाने पर अभिषेक बनर्जी!
बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी है। भारतीय जनता पार्टी ने 15 साल की ममता सरकार को उखाड़ फेंक दिया। 207 सीटों पर ऐतिहासित जीत हासिल की. 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से ही उन्होंने एक के बाद एक कड़े और फैसले लने शुरू कर दिए। भड़काऊ भाषण देने के आरोप में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज हुई। बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन पर भड़काऊ भाषण देने और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ धमकी भरा बयान देने का आरोप है।
हाल ही में अभिषेक बनर्जी अपने खिलाफ FIR रद्द कराने कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचे थे। राजीव सरकार नाम के एक शख्स ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, अभिषेक ने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के अन्य नेताओं को धमकी दी थी। उन्होंने मंच से कहा था, मैं देखूंगा कि 4 मई (नतीजे के दिन) को उन्हें बचाने कौन आता है।
अभिषेक की ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा वापस
बंगाल में नई सरकार बनने के बाद तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा वापस ले ली गई। अभिषेक को पिछले 10 साल से यह सुरक्षा मिली हुई थी। उन्हें अब एक आम सांसद को जो सुरक्षा मिलती है, वह मुहैया कराई गई।अभिषेक के अलावा कल्याण बनर्जी और राजीव कुमार सहित टीएमसी के कई अन्य नेताओं की भी सुरक्षा कम कर दी गई।हालांकि, बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
अभिषेक की संपत्तियों को नोटिस
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में दावा किया था कि अभिषेक के पास कुल 24 संपत्तियां हैं, जो जांच के दायरे में हैं। कोलकाता नगर निगम ने अभिषेक बनर्जी की 21 संपत्तियों का हिसाब-किताब मांगने के लिए नोटिस भेजा है। यह नोटिस भवन विभाग अधिनियम की धारा 400(1) के तहत जारी किया गया है। बनर्जी को भवन के नक्शे और संपत्ति से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ नगर निकाय के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। जिन संपत्तियों की लिस्ट भेजी गई है, उनमें हरीश मुखर्जी रोड पर शांतिनिकेतन भवन और कालीघाट क्रॉसिंग के पास स्थित एक अन्य भवन शामिल है. नोटिस में कहा गया है कि बिल्डिंग का निर्माण नक्शे के मुताबिक नहीं है।
जहांगीर खान का चुनाव से हटना
जहांगीर खान को अभिषेक बनर्जी का बेहत करीबी और भरोसेमंद साथी माना जाता है। कहा ये भी जाता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जहांगीर ने अभिषेक बनर्जी की जीत के लिए अहम भूमिका निभाई। अभिषेक को डायमंड हार्बर में 80 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। 21 मई को फलता में रिवोटिंग होनी थी. इससे दो दिन पहले जहांगीर खान ने अपना नाम वापस ले लिया। उन्होंने 19 मई को कहा कि वह फलता से चुनाव नहीं लड़ेगे। यह घोषणा वोटिंग से दो दिन पहले हुई। जहांगीर से अचानक से पीछे हटने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.।फलता में जहांगीर का मुकाबला बीजेपी के देबांशु पांडा से था लेकिन चुनाव से पहले ही उन्होंने मैदान छोड़ दिया।