चेन्नई: दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन दूसरी पारी में वह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। 15 वर्षीय वैभव महज 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्हें साउथ जोन के स्पिनर त्रिपुराना विजय ने अपनी चतुर गेंदबाजी से फंसाया।
16 गेंद खेलकर लौटे वैभव, स्टंपिंग ने किया काम तमाम
साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर समाप्त होने के बाद ईस्ट जोन ने अपनी दूसरी पारी शुरू की। कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के साथ वैभव सूर्यवंशी पारी की शुरुआत करने उतरे। हालांकि, शुरुआत में ही ईस्ट जोन को झटका लगा। मोहम्मद सिराज ने अभिमन्यु ईश्वरन को सिर्फ 3 रन के निजी स्कोर पर आउट कर दिया। इसके अगले ही ओवर में वैभव भी अपना विकेट गंवा बैठे। स्पिनर त्रिपुराना विजय की गेंद पर वैभव आगे निकलकर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे। गेंद उनके बल्ले को चकमा देकर विकेटकीपर नारायण जगदीशन के दस्तानों में पहुंची और उन्होंने कोई गलती किए बिना शानदार स्टंपिंग कर दी। वैभव ने 16 गेंदों पर 8 रन बनाए।
पहली पारी में 44 रन बनाकर बटोरी थी सुर्खियां
वैभव ने फाइनल की पहली पारी में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से खूब प्रभावित किया था। उन्होंने महज 6 रन से अपना अर्धशतक गंवाया और 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली थी। उनकी बल्लेबाजी में वही आक्रामक अंदाज नजर आया, जिसके लिए वह कम उम्र में चर्चा में आए हैं।
180 रन लुटाने वाले गेंदबाज ने ही बनाया शिकार
दिलचस्प बात यह है कि वैभव का विकेट लेने वाले त्रिपुराना विजय पहली पारी में साउथ जोन के सबसे महंगे गेंदबाजों में रहे थे। उन्होंने 180 रन खर्च करने के बावजूद 4 विकेट हासिल किए थे। दूसरी पारी में उन्होंने वैभव को आउट करके ईस्ट जोन को अहम झटका दिया।
ईशान किशन के फैसले से मिला था वैभव को दूसरा मौका
ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई और ईस्ट जोन को बड़ी बढ़त मिल गई। ऐसे में माना जा रहा था कि वैभव को दोबारा बल्लेबाजी का मौका शायद ही मिले। लेकिन कप्तान ईशान किशन ने साउथ जोन को फॉलोऑन देने के बजाय दूसरी पारी में खुद बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इसी फैसले के कारण वैभव को एक बार फिर क्रीज पर उतरने का मौका मिला। हालांकि, युवा बल्लेबाज इस मौके को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और 8 रन बनाकर आउट हो गए।