गंगटोक/नामची । सिक्किम के नामची जिले के समरडुंग (झोलुंगे) क्षेत्र में NHPC की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है। वहीं 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 18 से अधिक मजदूरों के अब भी सुरंग में फंसे होने की आशंका है। हालांकि, फंसे लोगों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सोमवार दोपहर करीब 3:09 बजे निर्माणाधीन सुरंग के भीतर अचानक लैंडस्लाइड होने से एंट्री गेट मलबे से बंद हो गया। इससे अंदर काम कर रहे मजदूर बाहर नहीं निकल सके। हादसे के बाद सुरंग में मीथेन गैस का रिसाव शुरू होने से हालात और गंभीर हो गए, जिससे बचाव अभियान को भी भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
मीथेन गैस से रेस्क्यू टीम भी प्रभावित
टनल के भीतर जहरीली गैस के रिसाव के कारण बचाव कार्य में जुटे कुछ रेस्क्यू कर्मियों की तबीयत भी बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, अंदर प्रवेश करने वाले कुछ जवान चक्कर खाकर बेहोश हो गए, जिसके बाद सुरक्षा मानकों के साथ अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी
फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। खराब मौसम, लगातार बारिश और गैस रिसाव के बावजूद अभियान बिना रुके जारी है।
मुख्यमंत्री हालात पर रखे हुए हैं नजर
राज्य सरकार ने बताया कि मुख्यमंत्री लगातार पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर बचाव अभियान के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
शव अस्पतालों में भेजे गए
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के शवों को सिंगतम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल (गंगटोक) और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SSDMA) भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सुरंग निर्माण के दौरान अचानक हुए लैंडस्लाइड ने सुरंग का रास्ता बंद कर दिया। इसके बाद मीथेन गैस के रिसाव ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया, जिससे मजदूर अंदर फंस गए और बचाव अभियान भी बेहद जोखिमपूर्ण हो गया।
मुख्य अपडेट
- 8 मजदूरों की मौत की पुष्टि
- 12 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
- 18 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका
- मीथेन गैस रिसाव से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित
- NDRF, SDRF, पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर
- लगातार बारिश के बीच युद्धस्तर पर बचाव अभियान जारी