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नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप के झटकों से दहली धरती, 5.0 तीव्रता के भूकंप से कांपा हिमालयी क्षेत्र, असम में भी महसूस हुए झटके

काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल में पिछले दिनों आई बाढ़ और बारिश से मची तबाही के बीच मंगलवार रात भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। भारतीय समयानुसार रात करीब 9:38 बजे नेपाल में 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया. . .

काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल में पिछले दिनों आई बाढ़ और बारिश से मची तबाही के बीच मंगलवार रात भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। भारतीय समयानुसार रात करीब 9:38 बजे नेपाल में 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके झटके नेपाल के अलावा भारत के पूर्वोत्तर हिस्सों में भी महसूस किए जाने की सूचना है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने भूकंप की पुष्टि करते हुए इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 29.022 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 83.978 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई जमीन के भीतर करीब 143 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र नेपाल की राजधानी काठमांडू से लगभग 196 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था।

गहराई अधिक होने से बड़े नुकसान की आशंका कम

भूकंप की तीव्रता 5.0 दर्ज होने के बावजूद इसका केंद्र काफी गहराई में था। विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप की गहराई और केंद्र से दूरी का सतह पर महसूस होने वाले झटकों तथा संभावित नुकसान पर असर पड़ता है। अधिक गहराई पर आने वाले भूकंप के झटके अपेक्षाकृत बड़े क्षेत्र में महसूस हो सकते हैं, लेकिन सतह पर उनका प्रभाव कई बार कम हो जाता है। फिलहाल नेपाल में इस भूकंप के कारण किसी बड़े जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

बाढ़ की मार के बीच भूकंप ने बढ़ाई चिंता

नेपाल इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ से जूझ रहा है। कई इलाकों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे समय में भूकंप के झटकों ने लोगों की परेशानी और चिंता बढ़ा दी है। नेपाल भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में आता है और यहां समय-समय पर भूकंप आते रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र में भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार गतिविधि के कारण यह इलाका भूकंप के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ है। दोनों प्लेटों के बीच जारी भूगर्भीय दबाव के कारण हिमालयी पट्टी में भूकंपीय गतिविधियां लगातार होती रहती हैं।

असम में भी महसूस हुए भूकंप के झटके

नेपाल में भूकंप से कुछ समय पहले असम में भी हल्के भूकंप का झटका दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8:29 बजे असम के कोकराझार क्षेत्र में 2.3 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप का केंद्र 26.373 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 90.159 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई महज 8 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र कोकराझार में था और यह मेघालय के तुरा से करीब 95 किलोमीटर उत्तर में स्थित था।

2.3 तीव्रता का भूकंप सामान्य तौर पर हल्का

असम में दर्ज 2.3 तीव्रता का भूकंप काफी हल्का माना जाता है। इस स्तर के भूकंप अक्सर बहुत कम महसूस होते हैं और सामान्य परिस्थितियों में इनसे बड़े नुकसान की आशंका नहीं होती। हालांकि, भूकंप की तीव्रता के साथ-साथ उसकी गहराई, केंद्र से दूरी और स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियां भी उसके प्रभाव को निर्धारित करती हैं।

हिमालयी क्षेत्र में भूकंप का खतरा

नेपाल और पूर्वोत्तर भारत का बड़ा हिस्सा हिमालयी और उससे जुड़े भूकंपीय क्षेत्रों के करीब आता है। भारतीय प्लेट के उत्तर की ओर बढ़ने और यूरेशियन प्लेट के साथ टकराव के कारण हिमालय का भूगर्भीय क्षेत्र लगातार सक्रिय रहता है।यही वजह है कि नेपाल, उत्तर भारत और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में भूकंप की संभावना को देखते हुए भवन निर्माण, आपदा प्रबंधन और लोगों की जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण है।

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