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पूजा से पहले चाय श्रमिकों को बड़ी राहत, 20 फीसदी बोनस का ऐलान, आंदोलन की नौबत आने से पहले मिला तोहफा, डुआर्स के चाय बागानों में खुशी

सिलीगुड़ी।। दुर्गापूजा से पहले उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पहाड़, तराई और डुआर्स के चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों को इस वर्ष 20 प्रतिशत की दर से बोनस देने. . .

सिलीगुड़ी।। दुर्गापूजा से पहले उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पहाड़, तराई और डुआर्स के चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों को इस वर्ष 20 प्रतिशत की दर से बोनस देने की घोषणा की गई है। पूजा से काफी पहले बोनस का ऐलान होने से जलपाईगुड़ी समेत डुआर्स के विभिन्न चाय बागानों में खुशी का माहौल है। हर वर्ष बोनस को लेकर होने वाले आंदोलन, गेट मीटिंग और सड़क जाम जैसी स्थिति से पहले ही इस बार श्रमिकों को राहत मिल गई है।

तीन लाख से अधिक श्रमिकों को मिलेगा फायदा

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पहाड़, तराई और डुआर्स क्षेत्र में करीब 275 चाय बागान हैं, जहां तीन लाख से अधिक श्रमिक काम करते हैं। इन श्रमिकों को 20 प्रतिशत बोनस देने संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है। जलपाईगुड़ी जिले में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 90 चाय बागान हैं। यहां बड़ी संख्या में श्रमिक परिवार अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए चाय उद्योग की आय पर निर्भर हैं।

पूजा की खरीदारी से घर की मरम्मत तक की तैयारी

चाय श्रमिक परिवारों के लिए पूजा बोनस का विशेष महत्व है। साल भर की सीमित आमदनी के बीच बोनस की रकम से ही कई परिवार त्योहार की जरूरी खरीदारी पूरी करते हैं। श्रमिकों का कहना है कि बोनस मिलने से बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदने के साथ-साथ अपने लिए भी कपड़े लेने का मौका मिलेगा। कई परिवार पूजा के दौरान घर में बेहतर भोजन की व्यवस्था करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, लंबे समय से घर की मरम्मत नहीं करा पाने वाले श्रमिकों को भी बोनस की रकम से यह काम पूरा करने की उम्मीद है।

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हर साल आंदोलन की रहती थी चिंता

चाय श्रमिकों के बीच बोनस को लेकर हर वर्ष असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। पूजा नजदीक आने के साथ ही बोनस की मांग को लेकर यूनियनों की ओर से आंदोलन, गेट मीटिंग और अन्य कार्यक्रम शुरू हो जाते थे। कई बार विवाद बढ़ने पर सड़क अवरोध जैसी स्थिति भी देखने को मिलती थी। इस बार समय रहते 20 प्रतिशत बोनस की घोषणा होने से श्रमिकों की यह चिंता काफी हद तक दूर हो गई है। श्रमिकों ने कहा कि आंदोलन शुरू होने से पहले ही बोनस का ऐलान होने से उन्हें राहत मिली है।

सरकार के फैसले का श्रमिकों ने किया स्वागत

चाय श्रमिकों ने समय पर बोनस घोषित किए जाने का स्वागत किया है। कई श्रमिकों का कहना है कि पूजा से पहले बोनस मिलने से परिवार की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक मदद मिलेगी। उन्होंने इस पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार भी जताया।

शुभेंदु के प्रयास की भी चर्चा

चाय श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को लेकर शुभेंदु अधिकारी पहले भी चिंता जताते रहे हैं। मंगलवार को उन्हें कालिम्पोंग में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर वहां नहीं उतर सका। इसके बाद उन्होंने उत्तरकन्या से ही अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। हालांकि, पहाड़ जाने से पहले ही चाय श्रमिकों के बोनस को लेकर सरकार की ओर से महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। पूजा से पहले 20 प्रतिशत बोनस की घोषणा को चाय श्रमिकों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

डुआर्स के बागानों में शुरू हुई पूजा की तैयारी

बोनस की घोषणा के साथ ही डुआर्स के चाय बागानों में त्योहार की तैयारियां तेज होने लगी हैं। श्रमिक परिवार नए कपड़े, बच्चों की जरूरतों, पूजा की खरीदारी और घर की मरम्मत की योजना बनाने लगे हैं। लंबे इंतजार के बाद समय पर बोनस मिलने से इस बार चाय बागान इलाकों में पूजा का उत्साह कुछ और बढ़ गया है।

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