कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं पर धोखाधड़ी, वसूली, भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बंगाल पुलिस ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में कथित नौकरी धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में टीएमसी नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया है।
तिलक कुमार चक्रवर्ती को गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें अदालत में पेश किए जाने से पहले चिकित्सा परीक्षण के लिए बसुलिया ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। इस गिरफ्तारी से कथित भर्ती घोटाले की जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। वहीं, पश्चिम बंगाल के टीएमसी नेता पारितोष दत्ता को सुरेंद्रनाथ कॉलेज में हथियार कांड के सिलसिले में कोलकाता पुलिस ने बर्धमान से गिरफ्तार कर लिया है। कोलकाता पुलिस ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
अभिषेक बनर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में समन
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टीएमसी सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में 15 जून को पूछताछ के लिए तलब किया है। ईडी अधिकारियों की टीम बुधवार शाम को अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची थी। हालांकि, उनके घर पर नहीं मिलने की वजह से ईडी ने अभिषेक के स्टाफ को उनका समन दिया।
वहीं, पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और कुछ अन्य के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया गया। ईडी ने कर्मचारी चयन आयोग भर्ती घोटाले के संबंध में बुधवार को कोलकाता में दो परिसरों की तलाशी ली। पार्थ चटर्जी के आवास और प्रसन्ना कुमार रॉय के कार्यालय में तलाशी ली गई थी, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
कोलकाता नगर निगम के तीन पार्षद वसूली के आरोपों में गिरफ्तार
इसके इतर पश्चिम बंगाल में अब तक कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के तीन पार्षदों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी को वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि भ्रष्टाचार के आरोप में केएमसी के तृणमूल पार्षदों की कुल गिरफ्तारी की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
कोलकाता पुलिस ने बताया कि वार्ड नंबर 106 के पार्षद अरिजीत दास ठाकुर को स्थानीय प्रमोटरों और व्यापारियों से धमकी देकर पैसे वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले वार्ड नंबर 36 के तृणमूल पार्षद सचिन सिंह को वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहीं, वार्ड नंबर 123 के तृणमूल पार्षद और बोरों नंबर 16 के अध्यक्ष सुदीप पोल्ले को वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया था।